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[161]+ Wafa Shayari | Shayari On Wafa In Hindi | वफ़ा शायरी

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Wafa Shayari

Wafa Shayari

कितनी भी सच्ची मोहब्बत कर लो,
वफा का लोग साथ छोड़ ही देते है.


वफ़ा का नाम मत लो यारों.
वफ़ा दिल को दुखाती है.
वफ़ा का नाम लेने से हमें
एक बेवफा की याद आती है.

Wafa Ka Naam Mat Lo Yaro
Wafa Dil Dukhati Hai
Wfa Kaa Naam Lene Se
Ek Bewafaa Yaad Aati Hai


आग दिल में लगी
जब वो खफ़ा हो गए,
महसूस हुआ तब जब वो
जुदा हो गए.
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो हमें,
पर बहुत कुछ दे गए जब बेवफ़ा हो गए.

Aag Dil Me Lagi
Jab Wo Khafa Ho GAYE
mAHASUS hUA jAB wO jUDA hO gAYE
kARAKE wAFA Kuchh De Naa Sake Wo Hame
Par Bahut Kuchh De Gaye Jab Bewafa Huye


अब वफ़ा का नाम न ले कोई
हमें बेवफ़ा की तलाश है,
पत्थर का दिल सीने में हो
हमें उस खुदा की तलाश है.

Ab Wafa Ka Naam Naa Le Koi
Hame Bewafa Ki Talash Hai
Patthar Ka Dil Seene Me Ho
Hame Us Khuda Ki Talaash Hai


वो जमाने में यूँ ही
बेवफ़ा मशहूर हो गये दोस्त,
हजारों चाहने वाले थे किस-किस से
वफ़ा करते.

Wo Zamane Me Yun Hi
Bewafa Mashahur Ho Gaye Dosto
Hazaaro Chahane Wale The
Kis-Kis Se Wafa Karate


कैसे लोग बसते है इस जहाँ में,
एक से वफ़ा कर नही सकते,
दूसरे से दिल लगा लेते है..

Kaise-Kaise Log Basate Hain Is Jahaan Me,
Ek Se Wafa Kar Nahi Sakte,
Dusare Se Dil Laga Lete Hai


एक जाम उलफत के नाम,
एक जाम मुहब्बत के नाम.
एक जाम वफ़ा के नाम,
पूरी बोतल बेवफा के नाम,
और पूरा ठेका दोस्तों के नाम

Ek Jaam Ulfat Ke Naam
Ek Jaam Mohabbat Ke Naam
Ek Jaam Wafa Ke Naam
Puri Botal Bewafa Ke Naam
Aur Pura Theka Dosto Ke Naam


दोस्त को दौलत की निगाह से
मत देखो,
वफा करने वाले दोस्त अक्सर
गरीब हुआ करते हैं..

Dost Ko Daulat Ki Nigah Se
Mat Dekho
Wafa Karane Wale Dost Aksar
Garib Hua Karate Hai


सोच रहा हूँ की
मुझे वफ़ा करने पर ऐसी
सज़ा मिल रही है,
तो उस बेवफ़ा का क्या होगा
जिसने मुझे मिट्टी में
मिलाया है

Soch Raha Hun Ki?
Mujhe Wfa Karane Par Esi
Saza Mil Rahi Hai
To Us Bewafa Ka Kya Hoga
Jisase Mujhe Mitti Me Milaya Hai


बेवफा होने के बाद तो कितनी ही
मजबुरियो को गिना देते है लोग.
काश वफा करने की भी कोई मजबुरी होती.

Bewafa Hone Ke Baad To Kitani Hi
Majburiyao Ko Gina Dete Hai Log
Kash Wafa Karane Ki Bhi Koi Majburi Hoti


मैं नादान था जो
वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब,
ये भी ना सोचा की अपनी सांस भी
एक दिन बेवफा बन जाएगी

Main Nadan Tha Jo
Wafa Ko Talaash Karta Raha Galib
Ye Bhi Naa Socha Ki Apani Sans Bhi
Ek Din Bewafa Ban Jayegi


मोहब्बत का नतीजा, दुनिया में
हमने बुरा देखा,
जिन्हे दावा था वफ़ा का,
उन्हें भी हमने बेवफा देखा.

Mohabbat Ka Natija Duniya Me
Hamane Bura Dekha
Jinhe Dawa Tha Wafa Ka
Unhe Bhi Hamane Bewafa Dekha


खता उनकी भी नही यारो
वो भी क्या करते,
बहुत चाहने वाले थे किस किस से
वफ़ा करते.

Khata Unaki Bhi Nahi Yaaro
Wo Bhi Kya Karate
Bahut Chahane Wale the Kis-Kis Se
Wafa Karate


बात वफाओं की होती तो
कभी न हटते हम,
खेल नसीब का था.
उसे किस तरह तब्दील करते.

Baat Wafaon Ki Hoti To
Kabhi N Hatate Ham
Khel Naseeb Ka Tha
Use Kis Tarah Tabdil Karate


हमें मालूम है
दो दिल जुदाई सह नहीं सकते
मगर रस्मे-वफ़ा ये है कि
ये भी कह नहीं सकते
जरा कुछ देर तुम उन साहिलों कि
चीख सुन भर लो
जो लहरों में तो डूबे हैं,
मगर संग बह
नहीं सकते


Hame Malum Hai
Do Dil Ki Judayi Sah Nahi Sakate
Magar Rasme-Wafa Ye Hai Ki
Ye Bhi Kah Nahi Sakate
Jara Kuchh Der Tum Un Saahilo Ki
Chieekh Sun Bhar Lo
Jo Laharo Me To Dube Hai
Magar Sang Bah
Nahi Sakate


मेरे अलावा किसी और को
अपना महबूब बना कर देख ले?
तेरी हर धड़कन कहेगी
उसकी वफ़ा मे कुछ और बात थी.

Mere Alaawa Kisi Aur Ko
Apana Mahabub Bna Kar Dekh Le?
Teri Har Dhadakan Kahegi
Usaki Wafa Me Kuchh Aur Baat Thi


Shayari On Wafa

Shayari On Wafa

मेरी तलाश का है जुर्म या मेरी वफा का क़सूर,
जो दिल के करीब आया वही वफा ना कर सका


वो जमाने में यूँ ही
बेवफ़ा मशहूर हो गये दोस्त,
हजारों चाहने वाले थे किस-किस से
वफ़ा करते.


यूँ है सबकुछ मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही,
दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,
मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे,
वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं।


मोहब्बत से रिहा होना ज़रूरी हो गया है,
मेरा तुझसे जुदा होना ज़रूरी हो गया है,
वफ़ा के तजुर्बे करते हुए तो उम्र गुजरी,
ज़रा सा बेवफा होना ज़रूरी हो गया है।


ढूंढ़ तो लेते अपने प्यार को हम,
शहर में भीड़ इतनी भी न थी,
पर रोक दी तलाश हमने,
क्योंकि वो खोये नहीं बदल गए थे।


मैं नादान था जो
वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब,
ये भी ना सोचा की अपनी सांस भी
एक दिन बेवफा बन जाएगी.


आग दिल में लगी
जब वो खफ़ा हो गए,
महसूस हुआ तब जब वो
जुदा हो गए.
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो हमें,
पर बहुत कुछ दे गए जब बेवफ़ा हो गए.


वफ़ा का नाम मत लो यारों.
वफ़ा दिल को दुखाती है.
वफ़ा का नाम लेने से हमें
एक बेवफा की याद आती है.


मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम,
हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है।


एक जाम उलफत के नाम,
एक जाम मुहब्बत के नाम.
एक जाम वफ़ा के नाम,
पूरी बोतल बेवफा के नाम,
और पूरा ठेका दोस्तों के नाम


मैं नादान था जो
वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब,
ये भी ना सोचा की अपनी सांस भी
एक दिन बेवफा बन जाएगी.


वो दिल क्या जो मिलने की दुआ न करे,
तुम्हें भुलकर जिऊ यह खुदा न करे,
रहे तेरी दोस्ती मेरी जिन्दगानी बनकर,
यह बात और है जिन्दगी वफा न करे.


चलो छोड़ो ये बहस कि
वफ़ा किसने की
और बेवफा कौन है
तुम तो ये बताओ कि आज
तन्हा कौन है.


थोड़ी दीवानगी मै लाऊगा,
थोड़ी वफा तुम ले आना
साझे में कर लेंगे फिर से
कारोबार-ए- मौहब्बत.


ना पूछ मेरे सब्र की
इंतेहा कहाँ तक हैं,
तू सितम कर ले,
तेरी हसरत जहाँ तक हैं.
वफ़ा की उम्मीद,
जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमें तो देखना है,
तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं.


Wafa Shayari In Hindi

Wafa Shayari In Hindi

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी।


वफ़ा तुम से करेंगे, दुख सहेंगे, नाज़ उठाएँगे
जिसे आता है दिल देना उसे हर काम आता है

Wafa tum se karenge, dukh sahenge, naaz uthaenge
Jise aata hai dil dena use har kaam aata hai.


इस ज़िंदगी ने साथ किसी का नहीं दिया
किस बेवफ़ा से तुझ को तमन्ना वफ़ा की है

Is zindgi ne sath kisi ka nahi diya,
Kis bewafa se tujhko tamanna wafa ki hai.


वफाये मांगते फिरते है फकीरों की तरह
अजीब लोग है कहते है मुहब्बत की है।

Wafae mangte firte hai fakiro ki tarah,
Ajeeb log hai khte hai mohabbat ki hai.


मुझसे मेरी वफ़ा का सबूत मांग रहा है,
खुद बेवफ़ा हो के मुझसे वफ़ा मांग रहा है.

Mujhse meri wafa ka suboot maang raha hai,
Khud bewafa hoke mujhse wafa mang raha hai.


मेरी तलाश का है जुर्म या मेरी वफा का क़सूर,
जो दिल के करीब आया वही वफा ना कर सका

Meri talash ka hai zurm ya meri wafa ka kusoor,
Jo dil ke kareeb aaya wahi wafa na kar saka.


कभी न कभी वो मेरे बारे में सोंचेगी ज़रूर,
के हासिल होने की उम्मीद भी नहीं फिर भी वफ़ा करता था…

Kabhi na kbhi wo mere bare me sochegi zaroor,
Ki hasil hone ki umeed bhi nhi
Fir bhi wafa krta tha.


मेरे अलावा किसी और को अपना महबूब बना कर देख ले,
तेरी हर धड़कन कहेगी उसकी वफ़ा मैं कुछ और बात थी…

Mere alawa kisi aur ko apna mehboob bana kr dekh le,
Teri har dhadkan khegi ki uski wafa me kuch aur baat thi.


मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है,
उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…

Meri dasta-ae-wafa bus itni si hai,
Uski khatir usi ko chhod diya.


रुशवा क्यों करते हो तुम इश्क़ को, ए दुनिया वालो,
मेहबूब तुम्हारा बेवफा है, तो इश्क़ का क्या
गुनाह।

Ruswa kyu krte ho tum ishq ko ae duniya walo,
Mehboob tumhara bewafa hai to ishq ka kya gunah!!


बहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले,
बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं।

Bhut ajeeb hai ye mohabbat krne wale,
Bewafai kro to rote hai
Aur wafa kro to rulaate hai


ये न कहना की हमें अदब-ए-वफ़ा नहीं,
दूर रहकर भी तेरी सूरत को पूजा है हमने…

Ye na khne ki hume adab-ae-wafa nahi,

Door rahkar bhi teri soorat ko pooja hai humne.


उन्हें बेवफा कहूँ तो तोहीन हो वफा की… .
वो वफा निभा तो रहे है कभी इधर कभी उधर….

Unhe bewafa kahu to tohin ho wafa ki,
Wo wafa nibha to rahe hai
Kabhi idhar kabhi udhar.


तेरे वादों के बारे में तू ही जाने,
मैं तो बस अपनी वफ़ा को जानता हूँ
जिस दिन ये धड़कन दिल की रूठेगी
उस दिन ही मेरी वफ़ा टूटेगी।

Tere vado ke bare me tu hi jane,
Mai to bus apni wafa ko janta hu.
Jis din ye dhadkan dil ki ruthegi
Us din hi meri wafa tootegi


Shayari On Wafa In Hindi

Shayari On Wafa In Hindi

कभी की थी जो अब वफ़ा कीजिएगा
मुझे पूछ कर आप क्या कीजिएगा


दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद
अब मुझको नहीं कुछ भी मोहब्बत के सिवा याद


न जफ़ा से है मेरे दिल को क़रार
न तसल्ली वफ़ा से होती है


बेवफ़ा कहने की शिकायत है
तो भी वादा-वफ़ा नहीं होता


मैं सोचती हूँ कि इक जिस्म के पुजारी को
मेरी वफ़ा ने वफ़ा का सुहाग क्यूँ समझा


अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिसने भी मोहब्बत की
मरने की दुआ माँगी जीने की सज़ा पाई


हाल सुन कर मेरा वो यूँ बोले
और दिल दीजिए वफ़ा कीजे


वफ़ा न कर तो हमारी वफ़ा की दाद ही दे
तिरे फ़िराक़ को हम इंतिज़ार कहते हैं


वो भी पाबन्द-ऐ-वफ़ा है की साये की तरह
साथ तो है पर दिखाई नही देती


वाह मौसम तेरी वफा पे आज दिल खुश हो गया,,
याद-ए-यार मुझे आयी और बरस तू पड़ा


वफाये मांगते फिरते है फकीरों की तरह |
अजीब लोग है कहते है मुहब्बत की है


उन्हें बेवफा कहूँ तो तोहीन हो वफा की… .
वो वफा निभा तो रहे है कभी इधर कभी उधर


ये न कहना की हमें अदब-ए-वफ़ा नहीं,
दूर रहकर भी तेरी सूरत को पूजा है हमने


Wafa Shayari In Hindi For Boyfriend

Wafa Shayari In Hindi For Boyfriend

वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली।


Wo Naa Aaye Unki Yaadein Aakar Wafa Kar Gayi,
Unse Milne Ki Tamanna Sukoon Tabah Kar Gayi,
Aahat Huyi Aisi Ki Socha Dua Asar Kar Gayi,
Khol Darwaja Dekha To Majak Humse Hawa Kar Gayi


Ye Zamane Ki Wafaye Mere Kaam Ki Nahi,
Mujhe Uski Wafa Chahiye Kisi Aam Ki Nahi,
Uski To Ek Muskurahat Bhi Anmol Thi,
Ye Tamam Muskurahate Kisi Daam Ki Nahi,
Mujhe Gum Hai To Uske Chale Jaane Ka,
Parwah Mujh Par Lage Kisi Ilzaam Ki Nahi,
Mera Haath Dekh Kar Rabb Ye Bola,
Bahut Si Chahate Tere Liye Hai Baki Lekin,
Tere Haath Me Koi Bhi Lakir Uske Naam Ki Nahi


Zamana Ke Darr Se Tune Mujhko Bhula Diya,
Jise Deni Thi Khusi Use Hi Rula Diya,
Zara Ye To Bata Dete Kasur Kya Tha Mera,
Jo Meri Wafao Ka Tune Aisa Sila Diya


Kuch Nahi Milta Jitni Marzi
Wafa Karlo Kisi Se,
Jab Waqt Wafa Na Kare,
Toh Wafadar Bhi Bewafa Ho Jate Hain


Har Saans Ke Saath Mujhe Socha Karoge Tum,
Apne Hi Aks Me Dhoonda Karoge Tum,
Jab Yaad Ayegi Tumko Wafa Meri,
Fir Har Shaks Ko Chahat Se Dekha Karoge Tum,
Aaj Meri Tanhaiyon Pe Hans Rahe Ho Na,
Mujhse Bichad Ke Isi Baat Pe Roya Karoge Tum


yahi halat ibtida se rahe
log ham se khafa khafa se rahe


itna to bata jaao khafa hone se pahle
vo kya karen jo tum se khafa ho nahin sakte


chhed mat har dam na aina dikha
apni surat se khafa baithe hain ham


ya vo the khafa ham se ya ham hain khafa un se
kal un ka zamana tha aaj apna zamana hai


log kahte hain ki tu ab bhi khafa hai mujh se
teri ankhon ne to kuchh aur kaha hai mujh se


Shayari On Wafa In Hindi For Girlfriend

Shayari On Wafa In Hindi For Girlfriend

हमसे न करिये बातें यूँ बेरुखी से सनम,
होने लगे हो कुछ-कुछ बेवफा से तुम।


वफ़ा तुम से करेंगे, दुख सहेंगे, नाज़ उठाएँगे


जिसे आता है दिल देना उसे हर काम आता है

इस ज़िंदगी ने साथ किसी का नहीं दिया


किस बेवफ़ा से तुझ को तमन्ना वफ़ा की है

ढूँढ उजड़े हुए लोगों में वफ़ा के मोती


ये ख़ज़ाने तुझे मुमकिन है ख़राबों में मिलें

क्यूँ किसी से वफ़ा करे कोई


दिल न माने तो क्या करे कोई


इश्क़ पाबंद-ए-वफ़ा है न कि पाबंद-ए-रुसूम
सर झुकाने को नहीं कहते हैं, सज्दा करना


मुझे वफ़ा की तलब है मगर हर इक से नहीं
कोई मिले मगर उस यार-ए-बेवफ़ा की तरह


दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी


हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है


उन्हों ने क्या न किया और क्या नहीं करते
हज़ार कुछ हो मगर इक वफ़ा नहीं करते


उल्फ़त में बराबर है वफ़ा हो कि जफ़ा हो
हर बात में लज़्ज़त है अगर दिल में मज़ा हो


वो कहते हैं हर चोट पर मुस्कुराओ

वफ़ा याद रक्खो सितम भूल जाओ


चुप-चाप सुलगता है दिया, तुम भी तो देखो

किस दर्द को कहते हैं वफ़ा, तुम भी तो देखो


ज़िंदगी तू ने तो सच है कि वफ़ा हम से न की

हम मगर ख़ुद तुझे ठुकराएँ ज़रूरी तो नहीं.


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