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[ 125+ ] Samandar Shayari | Nadi Shayari In Hindi | समंदर शायरी

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Samandar Shayari

Samandar Shayari

वो साहिल पर ख़ुद को रख न सका संभालकर,
जिसने रख दिया था समन्दर को उछालकर.


कोई अपनी ही नजर से तो हमें देखेगा।
एक कतरे को समन्दर नजर आयें कैसे


कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे।
हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे


ग़मों के नूर में लफ़्जों को ढालने निकले।
गुहरशनास समंदर खंगालने निकले


समंदर ने कहा मुझको बचा लो डूबने से।
मैं किनारे पे समन्दर लगा के आया हूँ


गिरते हैं समुंदर में बड़े शौक़ से दरिया।
लेकिन किसी दरिया में समुंदर नहीं गिरता


बुझी न प्यास तो यूँ ख़त्म ज़िंदगी कर ली।
नदी ने जा के समंदर में ख़ुदकशी कर ली।


तू समन्दर है तो क्यूँ आँख दिखाता है मुझे।
औस से प्यास बुझाना अभी आता है मुझे।।


इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है।
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो


बे-इरादा टकरा गए थे लेहरों से हम।
समन्दर ने कसम खा ली हमे डुबोने की।।


ना जाने कौन मेरे हक़ में दुआ पढता है।
डूबता भी हूँ तो समंदर उछाल देता


Nadi Shayari

Nadi Shayari

होता होगा तुम्हारी दुनियाँ में गहरा समंदर।
हमारे यहाँ इश्क़ से गहरा कुछ भी नहीं।।


लहरों को शांत देखकर
ये ना समझना कि समंदर मे पानी नहीं है,
जब भी उठेंगे तूफ़ान बन के उठेंगे,
अभी उठने की ठानी नहीं है.


मोहब्बत सभी करते है,
पर कुछ लोग ही समझते है,
और जो समझते है
वो इसकी गहराइयों में नहीं उतरते है.


इस कदर डूब जाऊँ उनके प्यार के समंदर में,
कि मुझे फिर दोबारा कोई साहिल ना मिले,
ओ ख़ुदा कुछ ऐसा प्यार हो मेरा सिर्फ उनके लिए
कि मुझ जैसा उन्हें फिर कोई काबिल ना मिले


तितलियों के रंगों से ज्यादा थी
उनकी अदायें रंगीली,
समंदर की गहराइयों सी थी,
उनकी आँखें ये नीली।


इश्क़ का समंदर हूँ मैं,
सबके दिलों के अंदर हूँ मैं,
दिलों को अब दुखाना छोड़ दो
क्योंकि तुम्हारे तकदीर का सिकंदर हूँ मैं


ये दरिया है इश्क का,
इसमें किनारा नहीं पाओगे,
गहराई रखता है समंदर सी
इसमें जीना भूल जाओगे


तुम समंदर हो,
दिल मेरा दरिया है,
साँसे चलती है दिल में जो मेरे
उसका तू ही तो जरिया है.


ये समंदर मेरे दिल में उतर आया है,
दर्द इतना तेरी आँखों में नजर आया है,
बड़ी मुश्किल है ये इश्क़ छुपाये रखना,
राज ऐसा है कि चेहरे पे संवर आया है


समंदर और ख़्वाहिशें जितना देखो
उतना दूर नज़र आती है,
लहरों से न लड़के किनारे पे बैठे रहना
जीत से पहले की हार नज़र आती है.


महफ़िल अजीब है ये मंजर अजीब है,
जो उसने चलाया ये खंजर अजीब है,
ना डूबने देता है… ना उबरने देता है,
उसकी आँखों का वो समंदर अजीब है.


Samandar Shayari In Hindi

Samandar Shayari In Hindi

होता होगा तुम्हारी दुनियाँ में गहरा समंदर।
हमारे यहाँ इश्क़ से गहरा कुछ भी नहीं।।


होता होगा तुम्हारी दुनियाँ में गहरा समंदर,
हमारे यहाँ इश्क़ से गहरा कुछ भी नहीं


खुद को मनवाने का मुझको भी हुनर आता है,
मैं वह कतरा हूं समंदर मेरे घर आता है.


हम समंदर है हमें खामोश रहने दो,
जरा मचल गए तो शहर ले डूबेंगे.


मैंने अपनी ख़ुश्क आंखों से लहू छलका दिया,
इक समुंदर कह रहा था मुझ को पानी चाहिए.


मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा,
इसी सियाह समंदर से नूर निकलेगा.


बुझी न प्यास तो यूँ ख़त्म ज़िंदगी कर ली,
नदी ने जा के समंदर में ख़ुदकशी कर ली


लहरों का आना और किनारों से टकराना,
समंदर का इश्क़ साहिल से है ये किसने जाना.


दोस्तों, आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
उधर ही ले चलेंगे कश्ती जिधर तूफान आया है.


क़दम दर क़दम ज़िन्दगी, दौरे इम्तिहान है,
कहीं सहरा कहीं समन्दर,कहीं गर्दिशे अय्याम है.


कोई अपनी ही नजर से तो हमें देखेगा,
एक कतरे को समन्दर नजर आयें कैसे.


Nadi Shayari In Hindi

Nadi Shayari In Hindi

बहता छोड़ दिया है खुद को तेरे इश्क़ के समंदर में।
अब तेरी मर्ज़ी हाथ थाम या डुबो दे मुझको।


शायद नदी थी
उसको समंदर नहीं मिला
मंज़िल की चाह में
वो भटक कर चली गई !


मैं दरिया भी
किसी गैर के हाथों से न लूं
एक कतरा भी
समन्दर है अगर तू देदे !!


कह दो समुद्र से की
लहरों को संभाल कर रखे
जिंदगी मैं तूफ़ान लाने के लिए
मेरा दिल ही काफी है !


अधूरी रहें इश्क की दास्तान
वहीं चाहत कहलाती है
समंदर से मिलनें के बाद तो
नदी भी समंदर कहलाती है !!


मोहब्बत करने वाला
ज़िन्दगी भर कुछ नहीं करता
यह दरिया शोर करता है
समंदर कुछ नहीं कहता !!


ताश के पत्तों से महल नहीं बनता
नदी को रोकने से समंदर नहीं बनता
बढ़ाते रहो जिंदगी में हर पल
क्यूंकि एक जीत से कोई
सिकंदर नहीं बनता


ज़िंदगी बड़ी अजीब होती है
कभी हार कभी जीत होती है
तमन्ना रखो समंदर की गहराई छूने की
किनारों पे तो बस ज़िंदगी की शुरुआत
होती है !


कतरा होने की शोहरत
कोई मुझसे पूछे
मैंने अपने लिये समुंदर को
परेशान देखा है !!


बस यही सोच कर हर मुश्किल
से लड़ता रहा हूँ
धूप कितनी भी तेज़ हो
समन्दर नहीं सूखा करते


शायद नदी थी
उसको समंदर नहीं मिला
मंज़िल की चाह में
वो भटक कर चली गई !!


Latest Samandar Shayari In Hindi

Latest Samandar Shayari In Hindi

 

जिसमें डूब कर कोई बाहर ना निकला,
ये इश्क़ कितना गहरा समंदर निकला।


सब हवाएं ले गया मेरे समंदर की कोई
और मुझ को एक कश्ती बादबानी दे गया


मैं दरिया भी किसी गैर के हाथों से न लूं
एक कतरा भी समन्दर है अगर तू देदे!


आओ सजदा करें आलमे मदहोशी में
लोग कहते हैं कि सागर को खुदा याद नहीं।


मैं खोलता हूँ सदफ़ मोतियों के चक्कर में
मगर यहाँ भी समन्दर निकलने लगते हैं


इलाही कश्ती-ए-दिल बह रही है किस समंदर में
निकल आती हैं मौजें हम जिसे साहिल समझते हैं


बहते दरिया में बे सूद है गौहर की तलाश
अब सदफ दिल के समंदर में उतारे जायें!


हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा
मै हि कश्ती हूँ मुझी में है समंदर मेरा


ऐ ख़ुदा रेत के सहरा को समंदर कर दे
या छलकती हुई आँखों को भी पत्थर कर दे


एक दिल है कि जो प्यासा है समंदर की तरह
दो निगाहें जो घटाओं के सिवा कुछ भी नहीं


कोई अपनी ही नजर से तो हमें देखेगा,
एक कतरे को समन्दर नजर आयें कैसे.!!


2021 Nadi Shayari In Hindi

2021 Nadi Shayari In Hindi

अगर मैं लहर बनूँ तो तुम किनारा बन जाना,
सफर में बहक जाऊं तो तुम सहारा बन जाना


समंदर से मोहब्बत का यही एहसास सीखा है,
लहर आवाज़ देती है किनारे टूट जाते हैं!!


दिल समंदर जैसा रखना साहेब
नदिया खुद मिलने आयेगी


कोई कश्ती में तन्हा जा रहा है
किसी के साथ दरिया जा रहा है


दरिया बनकर किसी को डुबाने से बेहतर है,
की जरिया बनकर किसीको बचाया जाए


बिन सफ़र, बिन मंज़िलों का
एक रास्ता होना चाहता हूॅ


वो आग का दरिया था ।
जला कर गुजर गया


फ़ना हैं जिसमें जज़्बात के कई समन्दर,
बस, बस वही एक कतरा इश्क़ हूँ मैं.


गरीब लहरों पे पहरे बैठाय जाते हैं
समंदर की तलाशी कोई नही लेता


एक मैं हूँ जो लहरों की तरह बेचैन है
एक वो है जो समंदर की तरह खामोश है


दरिया बन मिलते रहे समंदर के पानी से।
जज्बात ही खो गयी मचलती रवानी में।


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