India Shayari

20211018 110744 11zon

[151+Unique] Safar Shayari In Hindi | सफर शायरी हिंदी में

In this world, everyone Travels a lot। It can be for any Goal or passion too. One has to continuously travel in this world. Sometimes we travel with someone and sometimes we have to travel alone. So Today We Have Brought the Best Collection Of Safar Shayari and सफर शायरी. This Collection Contains Various Types Of Shayari Like सफर पर शायरी, Shayari On Safar, Safar Shayari 2 Line, Safar 2 Line Shayari Etc. Also, Share These With Your Friends.

Safar Shayari

Safar Shayari

ज़िंदगी एक ऐसा सफर है

जिसकी राह ही इसकी मंज़िल है


नई चीज़ों से रु ब रु होना चाहते है

तो एक बार अकेले सफर पर निकलें!


क्या खूब सफर है ये ज़िंदगी;

हर रोज़ वही सुबह और वही शाम;

फिर भी हर रोज़ का सवेरा नया लगता है!


ज़िंदगी के सफर के पड़ाव कई बिता दिये;

पर किरदार हमारा है के कुछ बदलता नहीं!


ये जहान जहाँ तक भी फैला हुआ है मैं वहां तक
जाकर अपने हाथों को फैलाना चाहता हूँ!


सैर कर दुनीया की गालिब जिन्दगानी फिर कहा
जिन्दगानी गर रही तो नौजवानी फिर कहा!


ज़िंदगी यूं हुई बसर तन्हा
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा..


डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से
लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा..


ग़म हो कि ख़ुशी दोनों कुछ दूर के साथी हैं
फिर रस्ता ही रस्ता है हँसना है न रोना है..


आरज़ू थी मिले हमसफ़र मुझे भी ज़िंदगी के सफर में;

तलाश मेरी पूरी हुई जब ज़िंदगी ने मिलाया मुझे तुमसे इस सफर में!


ज़िंदगी के सफर में हिंदी वाला सफर करते रहिये;

वर्ना अंग्रेजी वाला Suffer तो लगा ही रहेगा।


सफर शायरी

सफर शायरी

ज़िंदगी एक सुहाना सफर है

अगर साथ एक मनचाहा हमसफ़र है..


ज़िन्दगी भर की खुशियाँ किसी को नहीं मिलती
इसी लिए हमे खूबसूरत जगहों पे घूमते रहना चाहिए
क्यूंकि हर खूबसूरत सफर में हम छोटी छोटी
ज़िंदगियाँ बिता सकते हैं खुशहाल होके!


बीत जाएगा ये सफ़र भी दर्द की राहों का
मिलेगा साथ जब खुशियों की बाहों का
बढ़ाते रहना कदम मत रुकना कभी
होगा रुतबा तेरा जैसे शहंशाहों का!


रहेंगे दर्द जिंदगी में
तो ख़ुशी का इंतजाम क्या होगा
निकल पड़े हैं जो बदलने खुद को
न जाने इस सफ़र का अंजाम क्या होगा!


मुकम्मल होगा सफ़र एक दिन
बस दिल में ताजा जज़्बात रखना
तमाम मुश्किलें आएंगी लेकिन
अपने काबू में हर हालत रखना!


दिल से मांगी जाए तो
हर दुआ में असर होता है
मंजिलें उन्हीं को मिलती है
जिनकी जिंदगी में सफ़र होता है!


बहुत कर लिया मलाल ज़िन्दगी में
चलो आज अपनी ज़िन्दगी जी लेते हैं
रह चुके बहुत हम घर में सिमट कर
चलो आज घर से कहीं दूर चलते हैं!


ऑफिस के एक कमरे को अपनी दुनिया बनाने से
बस पैसे मिलते है पर पूरी दुनिया घूम कर उसे ही
अपना घर बना लो तो ख़ुशी मिल जाती है!


समुंदर की लहरें वो ताज़ी हवाएँ
रेत की नमी वो पेड़ वो ज़मीन
सब मुझे अपने घर बुला रहे हैं!


कुछ सपने पूरे करने हैं
कुछ मंजिलों से मिलना है
अभी सफर शुरू हुआ है
मुझे बहुत दूर तक चलना है!


हर मुसाफिर यहाँ मंज़िल का
इंतज़ार नहीं कर रहा
खुश होने के लिए कुछ सफर का
मज़ा भी जी भर कर ले रहे हैं!


Safar Shayari In Hindi

Safar Shayari In Hindi

अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं..


तेरी जिंदगी की असलियत का जब तुझ पर असर होगा
असल में उस समय ही शुरू तेरे जीने का सफ़र होगा…


याद रखना की तुम एक जहाज़ हो तुम्हारा काम
किनारे पर खड़ा होना नहीं बल्कि लहरों से टकराना है!


मंजिल बड़ी हो तो सफ़र में कारवां छूट जाता है
मिलता है मुकाम तो सबका वहम टूट जाता है!


मुझ को चलने दो अकेला है अभी मेरा सफ़र
रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा…


इत्रर से कपड़ों को रमहकाना कोई बड़ी बात नहीं हे
रमज़ा तो तब है जब रआपके किरदार से खुशबू आये!


मंज़िलों के ग़म में रोने से रमंज़िलें नहीं मिलती
हौंसले भी टूट जाते हैं रअक्सर उदास रहने से!


ये पूरी दुनिया एक समंदर है इसमें तैरना आना
भी ज़रूरी है और कई दफा बह जाना भी ज़रूरी है!


इन रअजनबी सी राहों में जो तू मेरा रहमसफ़र हो जाये
बीत जाए पल भर में ये रवक़्त और रहसीन सफ़र हो जाये!


ये खूबसूरत नज़ारे आँखों में कैद कर लो
इस से पहले की ज़िम्मेदारियाँ तुम्हे कैद कर लें!


सफर से लौटने पर घरए कमरा बिस्तर तकिया सब
वही रहते हैं अगर कुछ बदलता है तो वो होते हैं हम!


सफर शायरी हिंदी

सफर शायरी हिंदी

हर मंजिल की एक पहचान होती है
और हर सफ़र की एक कहानी…


सफर ये लम्बा बड़ा है;
एक और सहारा दे मौला;
एक बार तुने दे दिया;
एक और ईशारा दे मौला!


न मंजिल ही मिलती है
न कारवां ही मिलता है;
जिंदगी के इस सफ़र में
न खुशियों का जहाँ मिलता है!


तेरी जिंदगी की असलियत का
जब तुझ पर असर होगा;
असल में उस समय ही
शुरू तेरे जीने का सफ़र होगा!


सफ़र-ए- जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है;
बेगाने हैं ये सब जो अपनापन जताते हैं;
छोड़ जाएँगे ये साथ इक दिन तेरा राहों में
वो जा आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते हैं!


मत कर गुरूर खुद के वजूद पर
इक दिन न इसका नाम-ओ-निशां होगा;
कितना भी भाग लो मौत से लेकिन
सफ़र-ए-जिंदगी का यही आखिरी मुकाम होगा!


इन अजनबी सी राहों में
जो तू मेरा हमसफ़र हो जाये;
बीत जाए पल भर में ये वक़्त
और हसीन सफ़र हो जाये!


सफ़र का मज़ा लेना है तो
सामान कम रखिए;
जिंदगी का मज़ा लेना है तो
अरमान कम रखिए!


अभी तो बस चंद लफ़्ज़ों में ही
समेट कर रखा है तुम्हें;
किताबों का सफ़र तो अभी बाकी ही है!


दिल में बसी तुम्हारी तस्वीर;
बस यही सोचती है हर पल;
के इस शहर से उस शहर तक का सफर
कितना सुहाना हो गया है!


हमारी मुहब्बत के सफ़र में एक ऐसा मोड़ भी आया;
ग़ैरों से करते रहें वो गुफ़्तगू;
और हर बार बेवफ़ा हमें बताया!


कोई हसीं नज़ारा तो चाहिये नज़र के लिए;
मंज़िल न सही राह तो चाहिए सफ़र के लये!


ज़िन्दगी के सफर में कही ख्वाब टूट जाते हैं;
संभाल सकें जो अक्सर वो हाथ छूट जाते हैं!


लम्हें भटक रहे हैं;
हर पल हर पहर में;
चल रहा हूँ मैं;
या है ये वक़्त सफ़र में!


यू तो कई मुसा़फीर आये और गये;
पर वो जो कुछ पल ठहरा;
जिदगीं के मायने बदल गये!


उम्मीद की रोशनी है जब तक;
सफर जारी है तब तक;
मंजिल मिलेगी आज नहीं तो कल तक!


Safar Shayari Images

Safar Shayari Images

क्या बताऊं कैसे गुज़र रही है राह-ए-ज़िंदगी;

शामें तन्हा है और रातें अकेली!


जितना कम सामान रहेगा
उतना सफ़र आसान रहेगा
जब तक मंदिर और मस्जिद हैं
मुश्किल में इंसान रहेगा


एक लम्हे का सफ़र है दुनिया
और फिर वक़्त ठहर जाता है
चंद ख़ुशियों को बहम* करने में
आदमी कितना बिखर जाता है


हर गाम हादसा है ठहर जाइए जनाब
रस्ता अगर हो याद तो घर जाइए जनाब
दिन का सफ़र तो कट गया सूरज के साथ साथ
अब शब की अंजुमन में बिखर जाइए जनाब


ज़िंदगी है मुख़्तसर आहिस्ता चल
कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल
एक अंधी दौड़ है किस को ख़बर
कौन है किस राह पर आहिस्ता चल


किस-किस के हिस्से का सफ़र मैंने किया
तू तो नफ़रत भी न कर पायेगा इस शिद्दत के साथ
जिस बला का प्यार बेखबर तुझसे मैंने किया


ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा
क़ाफिला साथ और सफ़र तन्हा
अपने साये से चौंक जाते हैं
उम्र गुज़री है इस क़दर तन्हा

जिंदगी यु हुई बसर तनहा
काफ़िला साथ और सफ़र तनहा;


अपने साये से भी चौक जाते है
उम्र गुज़री है इस कदर तनहा


मैं अकेला बहोत देर चलता रहा
अब सफ़र जिंदगानी का कटता नही
जब तलक़ कोई रंगीन सहारा ना हो
वक्त काफ़िर जवानी का कटता नही


तुझे तेरा हमसफ़र मुबारक़;
मुझे मेरा सफर मुबारक़;
मिलेंगे कभी राह में हम;
तो होगा ये समा मुबारक!


बहुत कुछ सिखाया जिंदगी के सफर अनजाने ने;
वो किताबों में दर्ज़ था ही नहीं
जो पढ़ाया सबक जमाने ने!


ना पूछो के मंजिल का पता क्या है;
अभी बस सफर है सफर का दीदार होने दो;
रूठ जाये अगर तक़दीर तो मनाकर देखो;
फूल मेहनत के हथेली पर उगाने तो दो


सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो;
नज़र वहीं तक है जहाँ तक तुम हो;
हजारों फूल देखें है इस गुलशन में पर;
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो!


आगे सफर था और पीछे हमसफ़र था;
 रुकते तो सफर छूट जाता
और चलते तो हम सफर छूट जाता!


बीत जाएगा ये सफ़र भी दर्द की राहों का
मिलेगा साथ जब खुशियों की बाहों का;
बढ़ाते रहना कदम; मत रुकना कभी
होगा रुतबा तेरा जैसे शहंशाहों का!


दिल से मांगी जाए तो
हर दुआ में असर होता है;
मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं
जिनकी जिंदगी में सफ़र होता है


मुकम्मल होगा सफ़र एक दिन
बस दिल में ताजा जज़्बात रखना;
तमाम मुश्किलें आएंगी लेकिन
अपने काबू में हर हालत रखना!


वो जिंदगी में क्या आये
बदल गयी जिंदगी हमारी;
वरना सफ़र ए जिंदगी कट रही थी धीरे-धीरे!


मुसीबतें लाख आएंगी जिंदगी की राहों में;
रखना तू सबर;
मिल जाएगी तुझे मंजिल इक दिन
बस जारी रखना तू सफ़र!


कभी युहीं सफर करते अगर

कोई मुसाफिर शेर पढ़ दे मीर;ग़ालिब का

वो चाहे अजनबी हो;यूँ लगता है वो मेरे वतन का है।


सफ़र शायरी 2 लाइन

सफ़र शायरी 2 लाइन

माना की ज़िंदगी में गम बहुत है;

कभी सफर पर निकलो और देखो खुशियां!


मंज़िलों से बेगाना आज भी सफ़र मेरा
रात बे-सहर मेरी दर्द बे-असर मेरा


धीरे धीरे ढलते सूरज का सफ़र मेरा भी है
शाम बतलाती है मुझ को एक घर मेरा भी है


ख़ामोश ज़िंदगी जो बसर कर रहे हैं हम
गहरे समुंदरों में सफ़र कर रहे हैं हम


हम जुदा हो गए आग़ाज़-ए-सफ़र से पहले
जाने किस सम्त हमें राह-ए-वफ़ा ले जाती


ज़िंदगी का सफ़र तय तो करते रहे
रात कटती रही दिन गुज़रते रहे


किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल
कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा


हज़ार राह चले फिर वो रहगुज़र आई
कि इक सफ़र में रहे और हर सफ़र से गए


राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलें
रास्ते आवाज़ देते हैं सफ़र जारी रखो


तुम्हें पता ये चले घर की राहतें क्या हैं
हमारी तरह अगर चार दिन सफ़र में रहो


ज़िंदगी है मुख़्तसर आहिस्ता चल
कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल।

 

Related Posts:-

My Life My Rules Quotes
Krishna Quotes | Inspirational Krishna Quotes
Self Respect Quotes In Hindi

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *