India Shayari

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[157+] Nazare Shayari | Nazar Shayari | नज़र शायरी २ लाइन

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Nazare Shayari

Nazare Shayari

तुम्हारी शरारती नजरों को नज़र न लगे
ख़ुदा करे ये हमेशा यूँ ही मुस्कुराती लगे


मैं उम्र भर जिनका न कोई दे सका जवाब,

वह इक नजर में, इतने सवालात कर गये.

Mai Umra Bhar Jinka Na Koi De Saka Javaab,

Vah Ek Nazar Me, Itane Savalat Kar Gaye.


मेरी उनसे नज़रें मिली थी,

उन्होंने शर्मा के नजर ही झुका ली थी,

Meri Unase Nazare Mili Thi,

Unhone Sharma Ke Nazar Hi Jhuka Li Thi,


लाखों लगाव, एक चुराना निगाह का, लाखों बनाव,

एक बिगड़ना इताब में. मिर्जा-गालिब

Lakho Lagaav, Ek Churaa Nigaah Ka,

Lakho Banaav, Ek Bigadna Itaab Me.


मुखातिब हैं साकी की मख्मूर नजरें,

मेरे जर्फ का इम्तिहाँ हो रहा है.

Mukhatib Hai Saki Ki Majbur Nazare,

Mere Zarf Ka Imteha Ho Raha Hai.


मेरी आँखों को सदियों से तेरा इंतजार है,

ये दिल मिलने के लिए अब भी बेकरार है.

Meri Aankho Ko Sadiyo Se Tera Intazaar Hai,

Ye Dil Milane Ke Liye Ab Bhi Bekaraar Hai.


पीने से कर चुका था मैं तौबा दोस्तों,

बादलों का रंग देख नीयत बदल गई.

Pine Se Kar Chuka Tha Mai Tauba Dosto

Badlo Ka Rang Dekh Niyat Badal Gayi.


मै तुम्हारी हर नज़र का गरूर हो भी सकता था,

मै तेरी सब खताओं का कसूर हो भी सकता था.

Mai Tumhari Har Nazar Ka Gurur Ho Bhi Nahi Sakta Tha,

Mai Teri Sab Khataao Ka Kasoor Ho Bhi Sakta Tha.


तुम्हारी शातिर नज़रें क़त्ल करने में माहिर हैं,

हम भी मर-मर कर जीने में उस्ताद हो गये हैं.

Tumhari Shaatir Nazare Katl Karne Me aahir Hai,

Ham Bhi Mar-Mar Kar Jine Me Ustaad Ho Gaye Hai.


तेरी आँखों ने मुझे सब बता दिया.

तुम्हारा राज हमे दिखा दिया.

Teri Aankho Ne Mujhe Sab Bata Diya,

Tumhara Raaj Hame Dikha Diya.


नज़र में रखा नज़र भर के नहीं देखा,

नज़र न लग जाए उसे, मैंने उसकी तरफ नहीं देखा.

Nazar Me Rakha Nazar Ke Nahi Dekha,

Nazar Na Lag Jaye Use, maine Usaki Taraf Nahi Dekha.


Nazar Shayari

Nazare Shayari

तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग फराज़
एक नज़र हम को भी देख लो


नज़र ख़ामोश , ज़ुबान चुप , सदा-ऐ-दिल महरूम ..
किसी का ज़िक्र न निकला , तुम्हारी बात के बाद


तुम्हारी सीधी नज़र ने,तो कोई बात न की
तुम्हारी तिरछी नज़र का,सवाल अच्छा था


मत मुस्कुराओ इतना कि फूलों को खबर लग जाए,
करें वो तुम्हारी ताऱीफ इतनी कि नज़र लग जाए


तुम्हारी शरारती नजरों को नज़र न लगे
ख़ुदा करे ये हमेशा यूँ ही मुस्कुराती लगे


तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग फराज़
एक नज़र हम को भी देख लो


तस्वीरें आज भी बड़ी शिद्दत से देखती हूं तुम्हारी.
पर आंखों मे तेरी वो चाहत नज़र नही आती अब.


तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते
इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते.


बहुत खूबसूरत है तुम्हारी मुस्कराहट.. पर तुम मुस्कुराती कम हो,
सोचता हूँ देखता ही रहू तुम्हे पर तुम नज़र आते ही कम हो


मतलब निकल जाने पर पलट के देखा भी नही तुमने.
रिश्ता तुम्हारी नज़र में कल का अखबार हो गया


तुम एक नज़र देख लो खुद को मेरी नज़र से
तुम्हारी नज़रें तलाशेंगी खुद फिर मेरी नज़र को


तुम्हे देख कभी मेरा जी नहीं भरता पर तुम मुझे चाहती नहीं

ये सोच कर कई दफा आँखे भर आती है


तुझे इस क़दर छुप कर देखता हूँ की तुझे कभी भी खबर न लगेगी,

मेरी नज़र तुझे इतनी प्यार से देखती है की तुझे मेरी कभी भी नज़र ना लगेगी।


हर रोज़ आँखों में नींद आने का इंतज़ार करते हैं

की जब नींद आएगी तभी तो ख़्वाबों में तुम आओगे।


तेरी सूरत जो नज़र आई है इन आँखों को अब,

इन आँखों को अब सब में तुम्हारा ही चेहरा नज़र आता है।


तू बेखबर होगी पर मैं तेरी हर खबर रखता हूँ, कहीं नज़र ना लग जाए

तुझे ज़माने की इसी परेशानी में सारे ज़माने पर नज़र रखता हूँ


Nazare Shayari In Hindi

 

Nazare Shayari In Hindi

मेरी आँखों को सदियों से तेरा इंतजार है,

ये दिल मिलने के लिए अब भी बेकरार है


दिल-बर हो एक तुम कि हमारी नज़र में हो
दिल है हमारा दिल कि तुम्हारी नज़र में है


आ गया है फर्क तुम्हारी नज़रों में यकीनन
अब एक खास अंदाज़ से नज़र अंदाज़ करते हो


जाने क्या कशिश है तुम्हारी मदहोश आँखों में
नज़र अंदाज़ जितना करो नज़र तुम्हीं पे ही पड़ती है


जहाँ भरोसा और सच्चाई नज़र आये….वहाँ दोस्ती का हाथ बढ़ाओ वरना
“तुम्हारी तन्हाई” तुम्हारी बेहतरीन साथी है


नज़र मिला कर हमसे नजर चुरा रहे हो तुम,
हम नजर भर के देख भी नहीं पाए थे तुम्हारी किसी अदा पे


यूँ तो शिकायतें मुझे सैंकड़ों हैं तुमसे मगर ,
तुम्हारी एक नज़र ही काफी है सुलह के लिये


आता है इक सितारा नज़र चाँद के क़रीब,
जब देखते हैं ख़ुद को तुम्हारी नज़र से हम


मै तुम्हारी हर नज़र का गरूर हो भी सकता था
मै तेरी सब खताओं का कसूर हो भी सकता था


यकीनन याद आती रहेगी, तुम्हारी “वो” रूहानी नज़र,
रात भर, और तुम्हारी महकती खुश्बू रहेगी – मेरी “हमसफ़र” रात भर


जान-ऐ-जा अब हम तुम्हारी नज़र में खटकते ज़रूर है
ये बात अलग है तुम्हारी मोहब्बत भटकते ज़रूर है


उन्हें देखे बिना हमे सांस लेने का भी सबर नहीं आता,

जब हमे उनका चेहरा नज़र आता है सच हमे कुछ और फिर नज़र नहीं आता।


हाल-चाल नहीं पूछते पर खबर रखते हो,

सुना है हमने आप हम पर नज़र रखते हो


तुम्हारी नज़र नहीं नज़राना है मेरे लिए सारी जहान की खुशियां

मुझे उन्हें देख कर मिल जाती है।


हम देखने लगे है तुझमे अपना हर दिन और

रात ज़रूर ये तेरी ही नज़र का कमाल है।


तुम्हारी नज़रों में वो नूर दिखता है की

मुझे तो सपनों में भी तुम्हारी ही नज़र नज़र आती है।


Nazar Shayari In Hindi

Nazar Shayari In Hindi

मैं उम्र भर जिनका न कोई दे सका जवाब,

वह इक नजर में, इतने सवालात कर गये.


तुम्हारी शातिर नज़रें क़त्ल करने में माहिर हैं,
हम भी मर-मर कर जीने में उस्ताद हो गये हैं


शरमा के,मारे झुक रही हैं, तुम्हारी नज़रें
कहा था, इतने क़रीब, ना आया करो


ये रात है, ये तुम्हारी जुल्फें खुली हुई है
है चांदनी या तुम्हारी नज़रें से मेरी रातें धुली हुई है


जाने किस किस पे पड़ी होंगी तुम्हारी नज़रें ,
मैंने चुन चुन के तेरे शहर के पत्थर चूमे.


कोई एक पल हो तो नज़रें चुरा लें हम,
ये तुम्हारी याद तो साँसों की तरह आती है


अब तो सिर्फ हिकारत भरी नज़रें है,या खामोश अलफ़ाज़
जो जता जाते हैं की अब हम ना हैं तुम्हारी दुनिया में,ना कोई चाह हमारी


ज़ख़्मी हो जाता है ये हर बार तुमसे मिल कर,
चाबुक सी नज़रें पड़ती है तुम्हारी इस दिल पर


ये कहो, वो कौन सी बात ज़ुबाँ तक आते-आते रूक गयी !
ये बताओ, उस बात की चुप्पी से तुम्हारी नज़रें क्यूँ झुक गयी


नज़रें ना चुराओ यूँ हमसे, सुबह होने में वक़्त काफी है ।
तुम्हारी आँखों को पढ़ लेने दो, उनमें राज़ अभी भी बाकी हैं


मैं क्या बताऊँ ये दिलरूबा तेरे सामने मेरा हाल है,
तेरी एक निगाह की बात है मेरी ज़िन्दगी का सवाल है


Heart Touching Nazare Shayari

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मेरी नज़र से न हो दूर एक पल के लिए,

तेरा वजूद है लाज़िम मेरी ग़ज़ल के लिए


नज़रो का झुके रहने भी एक अलग अंदाज़ था,
वक़्त नहीं था की कहानी बताओ अपनी,
इसलिए शांत रहना ही कुछ अपना अंदाज़ था।


बातें लफ़्ज़ों से होती तो कोई मसला ही न था जनाब,
नजरें झुका कर उन्होंने मामला ही बिगाड़ दिया था।


उस झूकी नजर की बेकरारी तुमने कभी समझी ही नही थी,
जो तुम्हे एक नजर देखने के लिये हर वक्त बेकरार रहा करती थी।


जितनी दफा इन झुकी हुई नजरों को आपका दीदार होता है,
खुदा कसम उतनी ही दफा इस दिल को आपसे फिर से प्यार होता है।


झुकी नज़रों से वो भी क्या कमाल करते थे, इशारों में वो हम्हे चूमने की बात करते थे,
लगाने को गले हमें वो पास आ जाते थे, मुस्कुराते हुए अपनी इच्छा बताते थे।


गुनाह बता दो हमारा जो हम तुम्हे एक नज़र नहीं भाते,

सच बताओ हमे नज़रअंदाज़ करती हो या हम तुम्हे नज़र नहीं आते।


क़त्ल कर देती है तुम्हारी एक नज़र कई हज़ारों का,

मुझे तो डर है क्या होगा अब उन भीड़ भरे बाज़ारों का।


तुम्हारी निगाह हमारे दिल पर कब्ज़ा किए बैठी है,

हमारी निगाहें बस तुम्हारी निगाहों में देखने का जज़्बा लिए बैठी है।


अजीब दुविधा है ये भी तुम्हारा चेहरा देख जो फिर से जीने लगते है,

तुम नज़रों से देख हमे फिर से मार देती हो।


ज़रा झुका कर रखा करो मोहतरमा अपनी इन कातिल निगाहों को,

कहीं क़त्ल का बाजार मत बना देना इन राहों को।


Romantic Nazar Shayari

Romantic Nazar Shayari

देख इतना मुझे कि तेरी ही नज़र लग जाए मुझे,

अच्छा लगता है तेरी ही नज़र से मर जाना


हमने चरागों को नजरअंदाज किया
अपनों की खुशी के लिए,

उसने हमें ही ठुकरा दिया
गैरों की हँसी के लिए.

Hamane Charago Ko Nazar-Andaaj Kiya,
Apano Ki Khushi Ke Liye,

Usane Hame Hi Thukra Diya
Gairo Ki Khushi Ke Liye.


नज़रअंदाज़ करते हो तो
हट जाते है निगाहों से हम.

इन्ही नज़रों से ढूंढोगे
जब नज़र ना आयेंगे हम.

Nazarandaj Karate Ho To
Hat Jate Hai Nigaho Se Ham,

Inhi Nazaro Se Dhundhoge,
Jab Nazar Naa Aayenge Ham


कोशिशे जारी थी
नज़ारे मिलाने की और,
उन्होंने नज़रअंदाज़ करना
बेहतर समझा.

Koshishe Jari Thi
Nazare Milane Ki Aur,
Unhone Nazar Andaz Karna
behatar Samjha.


रिश्तो को नजरअंदाज करने सें,
रिश्ते बनते नहीं, बिगड जाते हैं.

Rishto Ko Nazar-Andaaz Karane Se
Rishte Banate Nahi, Bigad Jate Hai.


नज़र अंदाज़ करते है वो,
मतलब हम नज़र में तो है.

Najarandaaj Karate Karate Hai Wo,
Matalab Ham Nazar Me’n To Hai.


हद.से ज्यादा बढ चुका है,
आपका नजर अदाज करना,
ऐसा सितम ना करो की,
हम भूलने पर मजबूर हो जाए.

Had SDe Jyaada Badh Chuka Hai,
Aapka Nazarandaaz Karana,
Esa Sitam Na Karo Ki,
Ham Bhulane Par Majbur Ho Jaye


जाने क्या कशिश है
उसकी मदहोंश आँखों में,
नजर अंदाज जितना करो,
नज़र उस पे ही पड़ती है.

Jane Kya Kashish Hai,
Usaki Madhosh Ankhon Me,
Nazarandaaz Jitana Karo,
Nazar Us Pe Hi Padati Hai.


वो आज करते है नजर अंदाज
तो बुरा क्या मानू मैं,
टूटकर पागलो की तरह मोहब्बत भी तो
सिर्फ मैंने की थी.

Wo Aaj Karate Hai Nazarandaz
To Bura Kyu Manu?
Tutkar Pagalo Ki Tarah Mohabbat Bhi To
Sirf Maine Hi Ki Thi.


बहुत नजर अंदाज करने लगी हो
अब तुम,
लगता हैं कोई
नया आ गया हैं ज़िन्दगी में.

Bahut Nazar-Andaaz Karane Lagi Ho
Ab Tum,
Lagata Hai Koi
Naya Aa Gaya Hai Zindagi Me


भूलें नहीं है तुमको
और ना कभी भूलेंगे,
बस तुमको नजर अंदाज कर रहे हैं
बिल्कुल तुम्हारी तरह.

Bhule Nahi Hai Tumako,
Aur Na Bhulenge,
Bas Tumko Nazar-Andaaz Kar Rahe Hai,
Bilkul Tumhaari Tarah.


कुछ यूँ मिली नज़रे उनसे,
कि बाकी सब नजर अंदाज हो गए.

Kuchh Yu Mili Nazare Unase,
Ki Baki Sab Nazae-Andaaz Ho Gaye


नज़र अंदाज़ करने की वज़ह
क्या है बता भी दो,
मैं वही हूँ जिसे तुम,
दुनिया से बेहतर बताती थी.

Nazar-Andaz Karane Ki Vajah
Kya Hai Bata Bhi Do,
Main Wahi Hun Jise Tum.
Duniya Se Behatar Batati Thi.


नजर-अंदाज उन्हें कर सकता हूँ
जो नजर के सामने है,
तुम्हारा क्या करूँ
तुम तो दिल मे बसे हो.

Najarandaaj Unhe Kar Sakata Hun,
Jo Nazar Ke Samane Hai,
Tumhaara Kya Karu 
Tum To Dil Me Base Ho.


दाद देते है तुम्हारे,
नजर अंदाज करने के हुनर को,
जिसने भी सिखाया,
वो उस्ताद कमाल का होगा.

Daad Dete Hain Tumhare,
Nazar-Andaj Karane Ke Hunar Ko,
Jisane Bhi Sikhaya,
Wo Ustaad Kamaal Ka Hoga.


मैंने सब कुछ नज़र-अंदाज़ किया हैं,
वरना तुम तो मुझे कब का खो देते.

Maine Sab Kuchh Nazarandaj Kiya Hai,
Varana Tum To Mujhe Kab Ka Kho Dete

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