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[135+ Latest] Koshish Shayari In Hindi | कोशिश शायरी हिंदी

One cannot be successful in life without any failure. Failure is the key to success. The importance of failure is very much in Ones life. The person who keeps trying even after failure achieves what ever he want to achieve.

So Today We Have Brought the Best Collection Of Koshish Shayari In Hindi and कोशिश शायरी हिंदी. This Collection Contains Various Types Of Shayari Like Kuch Karne Ki Shayari, चुनावी संघर्ष शायरी, कुछ कर दिखाने की शायरी Etc. Also, Share These With Your Friends.

Koshish Shayari In Hindi

Koshish Shayari In Hindi

हारे हुए वो है जिसने Koshish* Nahi की!

Koshish* करने वाले हारते Nahi बल्कि सीखते है


जीतने की संभावना Koshish*ों से ही बनती है;

वर्ना हार तो कुछ किये बिना भी हो जाती है!


Koshish* कर ज्यादा कुछ Nahi सुकून तो रहेगा;

हारा ही सही पर Koshish* आखिर की थी मैंने!


कुछ पाने की चाहत तो सभी रखते है;

पर हार कर भी Koshish* लगातार वही कर पाते है;

जिन्हें कुछ पाने की सिर्फ चाहत Nahi बल्कि इरादा होता है!


संभावित हार अगर पक्की हो; तब भी एक मौका दीजिए;

आपकी Koshish* को आपकी जीत में बदल पाने का!


नाकाम हुई Koshish*ों में सुधार आप खुद करें;

किसी और से ना पूछें की कहाँ कमी रह गई!


ना प्यार कम हुआ;ना प्यार का एहसास;
पर अब उसके बिना;जिंदगी गुजारने की Koshish* कर रहे हैं!!


कमी तेरे नसीबों में रही होगी कि तू मेरी ना हुई;
मैने तो Koshish* बहुत की तुझे अपना बनाने की!!


Koshish* सच्ची लगन से तभी कर सकेंगे;
जब पाने की ज़िद पूरी पक्की होगी!


एक Koshish* भी Nahi की उसने मुझे रोकने की;
शायद उसे मेरे चले जाने का ही इंतज़ार था!


ज़िन्दगी तेरे किसी रंगों से रंगदारी ना हो पायी;
हर लम्हा मैंने Koshish* की पर यारी ना हो पायी!


Koshish Shayari In Hindi With Images

Koshish Shayari In Hindi With Images

Koshish* भी मत करना; मुझे संभालने की अब तुम;
बेहिसाब टूटा हुं; जी भर के बिखर जाने दो मुझे!


इस क़दर लुत्फ़ बिखरने में मिला है मुझ को;
मैं ने Koshish* ही Nahi की कभी यकजा हो जाऊँ …


एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है;
मैंने हर करवट सोने की Koshish* की!


Koshish* तो रोज़ करते हैं कि; वक़्त से समझौता कर लें;
कम्बख़्त दिल के कोने में छुपी; उम्मीद मानती ही Nahi!


खता इतनी की उनको पाने की Koshish* की;
अगर छीनने की Koshish* करते तो आज वो हमारे होते!


तुझे भुलाने की Koshish* तो बहुत की ऐ सनम;
तेरी यादें गुलाब की साख हैं जो रोज महकती हैं!


Koshish* हज़ार Karti रहें तेज़ आँधियाँ;
लेकिन वो एक पत्ता अभी तक हिला न था!


सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़्सद Nahi
मेरी Koshish* है कि ये सूरत बदलनी चाहिए!


जख्मों का हाल मत पूछिये जनाब;
Koshish*ें अब भी जारी है; इन्हें नासूर बनाने वालों की!


मेरी Koshish* हमेशा ही नाकाम रही;
पहले तुझे पाने की अब तुझे भुलाने की


Koshish* तो बहुत की मगर;
भुला न पाए एक नाम को!


कोशिश शायरी हिंदी

कोशिश शायरी हिंदी

Koshish* यह नही कि मै संभल जाऊँ;
ख्वाहिश ये है कि तुम बहक जाओ


अगर आप असफल होगें तो
शायद आप निराश ही होगें
लेकिन आप Koshish ही Nahi करेंगे

तो आप गुनहगार होंगे …


आजकल वो हमारी बातों का मतलब ना समझते हैं

ना समझने की Koshish* करते हैं!

लगता हैं जैसे हमसे जुड़ा हुआ

उनका मतलब अब पूरा हो गया हैं!


नाजायज़ से ख्वाब पालकर मुकद्दर पर इल्ज़ाम क्या लगाना जनाब;

चाहतें जायज़ रखते हो तो Koshish* से भी इत्तेफ़ाक़ होगा!


दुनिया वालों ने तो बहुत Koshish* की हमें रुलाने की!
मगर ऊपर वाले ने जिम्मेदारी उठा रखी है हमें हंसाने की!


आंधियाँ सदा चलती Nahi;
मुश्किलें सदा रहती Nahi!
मिलेगी तुझे मंजिल तेरी;
बस तू ज़रा Koshish तो कर!


Koshish* न कर तू सभी को ख़ुश रखने की;
नाराज तो यहाँ कुछ लोग भगवान से भी हैं;
मन की बात कह देने से फैसले हो जाते हैं;
और मन में रख लेने से फासले हो जाते हैं!


Koshish* और हाजत में फ़र्क़ समझ आया

वो क्या चाहती है उसका तर्क समझ आया

ज़िन्दगी फिर भी उसकी कभी हो न सकी

किसे चाहूँ किससे रहूँ सतर्क समझ आया…


जिंदगी में हम कुछ बन पायें या Nahi

लेकिन एक अच्छा इंसान बनने की

Koshish हमेशा करनी चाहिए!


मुश्किल Nahi है कुछ दुनिया में;
तू जरा हिम्मत तो कर!
ख्वाब बदलेंगे हकीकत में;
तू ज़रा Koshish* तो कर!


एक दिन जब उम्र ने तलाशी ली;
तो जेब से लम्हे बरामद हुए;
कुछग़म के थे; कुछ नम से थे कुछ टूटे हुए थे;
बस कुछ ही सही सलामत मिले; जो बचपन के थे!


उम्मीदों का फटा पैरहन;
रोज़ रोज़ सिलना पड़ता है;
तुम से मिलने की Koshish* में;
किसकिस से मिलना पड़ता है…


ऐसा Nahi की थक गई हूँ; दूसरों को सहन करतेकरते;
कभी कभी तो मैं खुद को भी सहन Nahi कर पाती;


कोशिश शायरी हिंदी में

कोशिश शायरी हिंदी में

उदासकर देती हैं ये शामें मुझे
ऐसा लगता है जैसे कोई मुझे भूलने की Koshish* कर रहा है …


इस क़दर लुत्फ़ बिखरने में मिला है मुझ को
मैं ने Koshish* ही Nahi की कभी यकजा हो जाऊँ…


मेरी इक छोटी सी Koshish* तुझ को पाने के लिए
बन गई है मसअला सारे ज़माने के लिए…


Koshish* भी कर; उमीद भी रख; रास्ता भी चुन
फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर…


कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की Koshish* की…


हो गए Koshish* में अपनी काम वाले कामयाब
और नाकारा मुक़द्दर का गिला करते रहे…


जुगनुओं की Koshish* को सब बुरा कहने लगे…
लोग सूरज को उजाले का खुदा कहने लगे!


कल फ़िर चाँद का खंजर घोप के सीने में
रात ने मेरी जान लेने की कोशीश की…


लाख Koshish* पर भी घर को घर न कर पाए शफ़ीक़
और फिर हमने मकाँ को बस मकाँ रहने दिया…


चारागर लाख करें Koshish* एदरमाँ लेकिन
दर्द इस पर भी न कम हो तो ग़ज़ल होती है !!


Koshish* के बावजूद ये इल्ज़ाम रह गया
हर काम में हमेशा कोई काम रह गया!


Kuch Karne Ki Shayari

Kuch Karne Ki Shayari

तू #मिले या ना मिले ये तो और बात है;
मैं Koshish* भी ना करू; ये तोगलत बात है…


तुम्हारा बोलबाला भी इस दुनिया में एक दिन जरूर होगा;

बस अपने Koshish* के वार को लगातार चलाते रहना!


मैंने उसे मनाने की Koshish* तो पूरी की थी;

पर शायद उसका मुझसे मन भर गया था

इसलिए उसने रुकने की जरा भी Nahi सोची थी!


Koshish* तो आज भी उतनी करता हूँ जितनी पहले करता था;

जीत की राह आज भी तय कर रहा हूँ; जैसे पहले कर रहा था!


अगर बदलना चाहते हो तुम भी अपना वक्त;

तो Koshish* करना बिलकुल भी छोड़ना मत!


किसी को भूलने की; Koshish* ना करना कभी!

ये दवा; जख्मों को और भी हरा कर देती है!


नाकाम थीं मेरी सब Koshish* उस को मनाने की;

पता Nahi कहां से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की


दिन रात ये दिल तड़पता रहा लेकिन वह मानी Nahi;

ना जाने हमारी Koshish* में कमी थी या

फिर उनके दिल में अब हमारी जगह बची Nahi!


अपने वक्त को बदलना चाहता हूँ मैं;

इसलिए अभी तक Koshish* करना

Nahi छोड़ पा रहा हूँ मैं!


अब Koshish* करने का भी कोई फायदा Nahi;

क्योंकि उन्होंने पूरा मन बना लिया है हमसे दूर रहने का!


वो शक्श अपनी जिंदगी में जरुरी कामियाबी हासिल कर पाता हैं;

जिसकी Koshish* में सबसे ज्यादा दम होता है


संघर्ष शायरी हिंदी

संघर्ष शायरी हिंदी

असफल रह गए तो पाने की Koshish* हजार करिये;

पर Koshish* का तरीका हर बार नया ढूंढिए …


जिंदगी भर सुख कमाकर दरवाजे से घर में लाने की Koshish* करते रहे

पता ही ना चला कि कब खिड़कियों से “उम्र” निकल गई!


खुशबू बनकर तेरी साँसों में समा जायेंगे;

सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जायेंगे;

महसूस करने की Koshish* तो कीजिये!


बहुत Koshish* की आज सिर्फ बारिश पर शायरी लिखु

पर हर बौछार सिर्फ तुम्हारी याद बरसा रही थी…


बारबार गिर कर भी खुद उठ जाने वाले

व्यक्ति की हिम्मत को यह दुनिया भी सलाम Karti हैं!


हार मान कर बैठ जोओगे तो बाद में बहुत पछताओगे;

लेकिन हार कर फिर जितने की हिम्मत दिखाओगे

तो जरूर कामियाब हो जाओगे!


अगर असफल होने की हिम्मत रखोगे;

तो अपनी जिंदगी में जरूर बहुत कुछ हासिल करोगे!


जिस चीज को पाने के लिए हिम्मत दिखाओगे;

अपने जीवन में तुम सिर्फ उसी को पाओगे!


अगर आज जो तू कुछ करने की हिम्मत दिखायेगा;

तो तेरा भविष्य भी जरूर सुनहरा बन जायेगा!


ज़िन्दगी में कैसा भी मोड़ आये कभी हिम्मत मत हारना;

क्योंकि तुम्हारी हिम्मत ही तुम्हे हर कठिनाई से बाहर निकालेगी!


अगर आपकी हिम्मत आपके भय से ज्यादा हैं;

तो आपको सफल होने से कोई Nahi रोख सकता!


जो व्यक्ति हर कठिनाई से लड़ने की हिम्मत दिखाता हैं;

उसका जीवन बस अब सबसे सुखद होने वाला होता हैं…


जो इंसान सच सुनने का साहस रखता हैं;

वो अपनी जिंदगी में जरूर तरक्की करता हैं!


जो व्यक्ति हार कर फिर से जीतने के लिए हिम्मत जुटा पाता हैं;

वही व्यक्ति इस दुनिया में फिर अपना नाम कर पाता हैं!

 

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