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[135+] Khwab Shayari In Hindi | ख्वाब शायरी | Khwaab Par Shayari

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Khwab Shayari

 

Khwab Shayari

ज्यादा ख्वाब मत बुनिये.
मिलेगा वही जो मंजूरे खुदा होगा.


न जाने सालों बाद कैसा समां होगा,
हम सब दोस्तों में से कौन कहा होगा,
फिर अगर मिलना होगा तो मिलेंगे ख्वाबों मे,
जैसे सूखे गुलाब मिलते है किताबों मे.


फ़र्ज़ था जो मेरा निभा दिया मैंने,
उसने माँगा जो वो सब दे दिया मैंने,
वो सुनके गैरों की बातें बेवफ़ा हो गयी,
समझ के ख्वाब उसको आखिर भुला दिया मैंने.


रात की गहराई आँखों में उतर आई,
कुछ ख्वाब थे और कुछ मेरी तन्हाई,
ये जो पलकों से बह रहे हैं हल्के हल्के,
कुछ तो मजबूरी थी कुछ तेरी बेवफाई.


हर घडी तेरा दीदार किया करते हैं
हर ख्वाब में तुझसे इज़हार किया करते हैं.
दीवाने हैं तेरे हम यह इक़रार करते हैं
जो हर वक़्त तुझसे मिलने की दुआ किया करते हैं.


एक मुस्कान तू मुझे एक बार दे दे,
ख्वाब में ही सही, एक दीदार दे दे.
बस एक बार कर लें तू आने का वादा,
फिर उम्र भर का चाहे इंतजार दे दे.


छू जाते हो तुम मुझे हर रोज एक नया ख्वाब बनकर
ये दुनिया तो खामखां कहती है कि तुम मेरे करीब नही.

खिड़की, चाँद, क़िताब और मैं, मुद्दत से एक बाब और मैं,
शब भर खेलें आपस में , दो आँखें इक ख़्वाब और मैं.


राजे दिल सब बताना चाहता हूँ,
एक ग़ज़ल तुझ पर सुनाना चाहता हूँ.
रात देखे ख्वाब जो तुम संग मैंने,
ख्वाब वो सब मैं भुनाना चाहता हूँ .


मेरा हर ख्वाब आज हकीकत बन जाये,
जो हो बस तुम्हारे साथ ऐसी जिन्दगी बन जाये,
हम लाये लाखो में एक गुलाब तुम्हारे लिए,
और ये गुलाब मोहब्बत की शुरुआत बन जाये


किताबों के पन्नो को पलट के सोचता हूँ,
यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात है.
ख्वाबों मे रोज मिलता है जो,
हक़ीकत में आए तो क्या बात है


ख्वाब शायरी

ख्वाब शायरी

जिनकी पलकों पे तेरे ख़्वाब हुआ करते हैं
ज़िंदगी में वही बेताब हुआ करते हैं.


किसी को नींद आती है
मगर ख्वाब से नफरत है
किसी को ख्वाब प्यारे है
मगर वो सो नहीं पाते !


ऐ पाक तेरा ख़्वाब नजारा ही रहेगा
तू क़िस्मत का मारा है मारा ही रहेगा
तेरे हर सवाल का जबाब करारा ही रहेगा
कश्मीर हमारा हैं और हमारा ही रहेगा!


पूरा अब मेरा ये ख़्वाब हो जाये
लिख दू उनके दिल पे किताब हो जाये
ना मयकदे की जरूरत हो ना मयखाने की
अगर नज़र से पिला दो शराब हो जाये।


कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ता
अब ख्वाब अधूरे रहने पर
बहुत करीब से कुछ
सपनो को टूटते देखा है!


तुझसे दोस्ती करने का हिसाब ना आया
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया
हम तो जागते रहे तेरे ही ख़यालो मे
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया


मुझे खबर है तेरे दिल में मैं नहीं
तेरे दिल में कोई और ही सही
तू कभी भुलाया न जाएगा
तू बस एक टूटा हुआ ख्व़ाब ही सही !


काश फिर मिलने की वजह मिल जाए
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए


देर रात जब किसी की याद सताए ठंडी
हवा जब जुल्फों को सहलाये कर लो
आंखे बंद और सो जाओ क्या पता
जिसका है ख्याल वो खवाबों में आ जाये!


कभी तुम्हारी याद आती है
कभी तुम्हारे ख्वाब आते है
मुझे सताने के सलीके तो
तुम्हें बेहिसाब आते है !


सोये थे सारे ख़्वाब शहर के मचल गये
मुरझाये सारे फूल गुलसितां के खिल गये
नेताजी हमें आपसे उम्मीद है बड़ी
तकदीर थी हमारी हमें आप मिल गये।


Khwab Shayari In Hindi

Khwab Shayari In Hindi

दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है,
अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना


तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं
सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं !


मैं सो रहा हूँ तेरे ख़्वाब देखने के लिए
ये आरज़ू है कि आँखों में रात रह जाए


तुझको ख्वाबो में देखने वाला
कितनी मुश्किल से जागता होगा !


ख्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है
नींद हमेशा मुझसे धोखा करती है।


एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की


और तो क्या था बेचने के लिए
अपनी आँखों के ख़्वाब बेचे हैं


आँखों में नहीं, दिल में तुझे बसाया है,
जागती आँखों में ख्वाब तुम्हारा सजाया है.


कोई बतायेगा कैसे उनको दफनाते है,
वो ख़्वाब जो दिल में ही मर जाते है.


बस यही दो मसलें ज़िन्दगी भर हल ना हुए,
ना नींद पूरी हुई ना ख्व़ाब मुक़मम्ल हुए


बड़े ख्व़ाब देखने के जज्बात रखता हूँ,
उसे पूरा करने की मैं औकात रखता हूँ.


Latest ख्वाब शायरी

Latest ख्वाब शायरी

आ जाते हैं वो भी रोज ख्वाबों में,
जो कहते हैं हम तो कहीं जाते ही नहीं।


कितना अधूरा लगता है
जब बादल हो पर बरसात न हो,
जीने को जिन्दगी हो पर प्यार न हो,
खूबसूरत आँखे हो पर उनमें कोई ख्वाब न हो
जब को अपना हो पर पास न हो


तुझे दोस्ती करने का हिसाब ना आया,
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया,
हम तो जागते रहे तेरे ही ख्यालों में
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया


हर रात हसीन रात हो,
बस एक अगर तेरा साथ हो,
बीते मेरा हर लम्हा खूबसूरत
जैसे कोई हसीन ख्व़ाब हो.


किसी शायर का प्यार होना चाहती हूँ,
उनके कलम का राज होना चाहती हूँ,
जिनका हर एक लब्ज जो मेरे लिए हो
मैं उनका खूबसूरत ख्वाब होना चाहती हूँ.


जिन्दगी बस एक हसीन ख्वाब है,
दिल में जीने की चाहत होनी चाहिए,
गम खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिए


Latest Khwab Shayari

Latest Khwab Shayari

पूरा नहीं हुआ , तो क्या हुआ,
दिखाने वाले तेरा ख्वाब अच्छा था


Janta Hun Ye Khwab Jhuthe Hain Khwahishe Adhuri Hain,
Par Zinda Rahne Ko Galat Fehmiyan Bhi Jaruri Hain.

जानता हूँ ये ख्वाब झूठे हैं ख्वाहिसे अधूरी हैं,
पर जिंदा रहने को गलत फेह्मियां भी जरुरी हैं।


Maine Dekha Hai Baharo Me Chaman Ko Jalte,
Hai Koi Khwaab Ki Tabeer Bataane Wala?

मैंने देखा है बहारो में चमन को जलते,
है कोई ख्वाब की तावीर बताने वाला।


Khuda Ka Shukr Hai Ke Usne Khwab Bana Diye,
Varna Tumhe Dekhne Ki To Hasrat Rah Hi Jati.

खुदा का सुक्र है कि उसने ख्वाब बना दिए,
वरना तुम्हें देखने की तो हसरत रह ही जाती।


Suno Meri Jaan Tumhara Hath Pakadkar Ghumne Ka,
Dil Karta Hai, Chahe Wo Khwabo Me Ho Ya Hakiqat Me.

सुनो मेरी जान तुम्हारा हाथ पकड़कर घूमने का,
दिल करता है, चाहे वो ख़्वाबों में हो या हक़ीक़त में।


Khwab Jitne Bhi The Jal Gaye Saare,
Ab In Ankhon Me Nami Ke Siwa Kuch Nahi.

ख़्वाब जितने भी थे जल गए सारे,
अब इन आँखों में नमी के सिवा कुछ भी नही।


Humare Dil Se Aaj Dhuaan Nikal Raha Hai,
Lagta Hai Usne Mere Khwabo Ko Jala Dala Hai.

हमारे दिल से आज धुआं निकल रहा है,
लगता है आज उसने मेरे ख्वाबो को जला डाला।


किसी को आती है नींद,
पर ख़्वाबों से परे है,
किसी को प्यारे हैं ख़्वाब,
पर नींद से परे है||
Kisee ko aatee hai neend,
Par khvaabon se pare hai,
Kisee ko pyaare hain khvaab,
Par neend se pare hai.


ये ज़िन्दगी सवाल थी,
जवाब माँगने लगे,
फरिश्ते ख़्वाब में,
हिसाब माँगने लगे||
Ye zindagee savaal thee,
Javaab maangane lage,
Pharishte khvaab mein,
Hisaab maangane lage.


खवाब भी होते हैं,
शायद कांच से कमज़ोर,
वरना हर रोज़ बिखर जाते हैं,
फ़क़त एक आँख के खुलने से||
Khvaab bhi hote hain,
Shaayad kaanch se kamzor,
Varna har roz bikhar jaate hain,
Faqat ek aankh ke khulne se.


मेरी आँखें भी मुझसे,
एक दिन यह कह देंगी,
ख़्वाब उसके न देखा करो,
हम से अब रोया नहीं जाता||
Meree aankhen bhee mujhase,
Ek din yah kah dengee,
Khvaab usake na dekha karo,
Ham se ab roya nahin jaata.


बस यही दो मसले,
ज़िन्दगी भर न हल हुए,
ना नींद पूरी हुई,
न ख्वाब मुकम्मल हुए||
Bas yahee do masale,
Zindagee bhar na hal hue,
Na neend pooree huee,
Na khvaab mukammal hue


महक सी जाती हो रातों में,
जब तूम ख़्वाब बनकर समाती हो,
यादों की तस्वीर दिल में उतर जाती हैं,
जब तुम रूबरू सामने आती हो||
Mahak see jaatee ho raaton mein,
Jab toom khvaab banakar samaatee ho,
Yaadon kee tasveer dil mein utar jaatee hain,
Jab tum roobaroo saamane aatee ho


शुक्र है खुदा का,
उसने ख्वाब बना दिए,
वरना तुम्हे दीदार करना,
तो हसरत ही रह जाती||
Shukr hai khuda ka,
Usane khvaab bana die,
Varana tumhe deedaar karana,
To hasarat hee rah jaatee


किसी को नींद आती है मगर ख्वाबों से नफरत है,
किसी को ख्वाब प्यारे हैं मगर वो सो नहीं सकता

Kisi Ko Neend Aati Hai Magar Khwaabon Se Nafrat Hai,
Kisee Ko Khvaab Pyaare Hain Magar Vo So Nahin Sakata


Mana Ke Khud Chal Kar Aaye Hai Teri Dehleez Par Hum
Sitam Sitam Aur Sitam Ye Jaha Ka Insaaf Hai

मन के खुद चल कर आये है तेरी दहलीज पर हम
सितम सितम और सितम ये जहा का इन्साफ है


काश उनका चेहरा आता रोज हमारे ख्वाब में
मर जाते पर नींद से उठने की जुर्रत नहीं करते

Kaash Unaka Chehara Aata Roj Hamaare Khvaab Mein
Mar Jaate Par Neend Se Uthane Kee Jurrat Nahin Karate


Meri Zindagi Mein Koi Khaas Nahi Aata
Wo Kya Hai Ke Main Kisi Aur Ko Raas Nahi Aata

मेरी जिंदगी में कोई खास नहीं आता
वो क्या है के मैं किसी और को रास नहीं आता


मेरी सरगोशियां जब खामोशियाँ बन जाएं
मेरी तनहाइयाँ तेरी मजबूरिया न बन जाएं

Meri Saragoshiyaan Jab Khamoshiyan Ban Jaen
Meri Tanhaiyan Teri Majbooriyan Ban Jayen


Heart Touching ख्वाब शायरी

Heart Touching ख्वाब शायरी

नहीं पसंद मोहब्बत में मिलावट मुझको,
अगर वो मेरा है तो ख्वाब़ भी मेरे देखे.


कल रात जगाती रही इक ख़्वाब की दूरी
और नींद बिछाती रही बिस्तर मिरे आगे


भरी रहे अभी आँखों में उस के नाम की नींद
वो ख़्वाब है तो यूँही देखने से गुज़रेगा


नींद तो दर्द के बिस्तर पे भी आ सकती है
उन की आग़ोश में सर हो ये ज़रूरी तो नहीं


मालूम थीं मुझे तिरी मजबूरियाँ मगर
तेरे बग़ैर नींद न आई तमाम रात


ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे
नींद रक्खो या न रक्खो ख़्वाब मेयारी रखो


खुली फ़िज़ाओं के आदी हैं ख़्वाब के पंछी
उन्हें क़फ़स में कहाँ आप पालने निकले


बुला रही हैं हमें तल्ख़ियाँ हक़ीक़त की
ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया से अब निकलते हैं


ख़्वाब-ओ-उम्मीद का हक़, आह का फ़रियाद का हक़,
तुझ पे वार आए हैं ये तेरे दिवाने क्या क्या


न नींद, आयी न ख़्वाब आये
जवाबो में भी कुछ सवाल आये


एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की


चिराग़ अपनी थकन की कोई सफ़ाई न दे
वो तीरगी है के अब ख़्वाब तक दिखाई न दे


वो अक़्सर तोलता है ख़्वाब और सिक्के तराज़ू में
ख़ुशी पाने में इक सिक्का हमेशा कम निकलता है


जिनकी पलकों पे तेरे ख़्वाब हुआ करते हैं
ज़िंदगी में वही बेताब हुआ करते हैं.


तेरी आँखों में कई ख़्वाब छोड़ आए हैं
हर इक सवाल का जवाब छोड़ आए हैं.


तुम्हारा ख्याल भी तुम्हारी तरह मेरी नही सुनता
जब आता हैतो बसआता ही चला जाता है…


घर में तो अब क्या रक्खा है ! वैसे आओ तलाश करें,
शायद कोई ख्व़ाब पड़ा हो इधर उधर किसी कोने में


सौदा कुछ ऐसा किया है
तेरे ख़्वाबों ने मेरी नींदों से..


मैं नींद में ही सही जाग तो रहा था मगर,
खुली जो आँख तो ख़्वाबों के सिलसिले टूटे।


कब तलक ख़ुद को समेटा जाये,
चल कोई ख़्वाब निचोड़ा जाये


खिड़की, चाँद, क़िताब और मैं, मुद्दत से एक बाब और मैं
शब भर खेलें आपस में , दो आँखें इक ख़्वाब और मैं


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