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[151+ Latest] Humsafar Shayari In Hindi | Shayari On Humsafar

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Humsafar Shayari

Humsafar Shayari

जिंदगी की राहों में मुस्कुराते रहो हमेशा
उदास दिलों को हमदर्द तो मिलते हैं हमसफर न


जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गये
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की
वो जो साथ चलने वाले रास्ता मोड़ गये।


ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती
मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती
कोई मेरा भी कभी हमसफ़र होता
मुझे ही क्यूँ मुहब्बत नहीं मिलती


दर्द की दास्ताँ अभी बाकी है,
महोबत का इम्तेहान अभी बाकी है,
दिल करे तो फिर से वफ़ा करने आ जाना,
दिल ही तो टुटा है, जान अभी बाकी है


ख्वाहिशों के समंदर के सब मोती तेरे नसीब हो,
तेरे चाहने वाले हमसफ़र तेरे हरदम करीब हों,
कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम,
कि तेरी हर दुआ, हर ख्वाहिश कबूल हो


मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती,
हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नहीं जाती,
दोस्त की कमी हर पल रहती है यार,
दूरियों से दोस्ती छुपाई नहीं जाती।


शाम आई तो बिछुड़े हुए हमसफ़र
आंसुओं से इन आंखों में आने लगे।
आंखें मंज़र हुई, काम नग़्मा हुए
घर के अन्दाज़ ही घर से जाते रहे।


रुस्वाई ज़िंदगी का मुकद्दर हो गयी,
मेरे दिल भी पत्थर हो गया,
जिसे रात दिन पाने के ख्वाब देखे,
वो बेवफा किसी और की हमसफर हो गई


गगन से भी ऊंचा मेरा प्यार है
तुझी पर मिटूंगा ये इकरार है
तू इतना समझ ले मेरे हमसफ़र
तेरे प्यार से मेरा संसार है


तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नज़र आता है
मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नज़र आता है
कैसी उदास है जिंदगी बिन तेरे हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नज़र आता है।


शाम आयी तो बिछड़े हुए हमसफ़र,
आंसुओं से इन आंखों में आके रहे,
हर मुसाफिर है तन्हा-तन्हा क्यों,
एक-एक हमसफ़र से पूछते हैं


उल्फत में अक्सर ऐसा होता है,
आँखे हंसती हैं और दिल रोता है,
मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी,
हमसफर उनका कोई और होता है।


अब वक्त भी कह रहा है,
मुझे अपनी हमसफर से मिलवाओ,
तुम किसी का प्यार पाओ,
और किसी पर प्यार लुटाओ।


राह के हमसफ़र ऐ मेरे साथिया,
ख्वाब में तुम सदा आते जाते रहें,
जिंदगी जंग है, कण्टकाकीर्ण पथ,
शूल या फूल, तुम मुस्कुराते रहे।


मेरे रास्ते मेरी मंजिलें,
मेरे हमसफ़र मेरे हमनशीं,
मुझे लूट कर सभी चल दिए,
मेरे पास कुछ भी बचा नहीं।


बिना हमसफर के कब तलक,
कोई मसाफ़तों में लगा रहे,
जहाँ कोई किसी से जुदा न हो,
मुझे उस राह की तलाश है।


Shayari On Humsafar

Shayari On Humsafar

मुद्दतों के बाद कोई हमसफर अच्छा लगा,
गुफ़्तगु अच्छी लगी ज़ौक़-ए-नज़र अच्छा लगा.


तू हमसफ़र, तू हम डगर, तू हमराज, नजर आता है,
मेरी अधूरी सी जिंदगी का.. ख्वाब नजर आता है,
कैसी उदास है जिंदगी तेरे बिन हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में तेरा अहसास नजर आता है


सुन मेरे हमसफ़र
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
की तेरी साँसे चलती जिधर
रहूँगा बस वही उम्र भर
रहूँगा बस वही उम्र भर हाय


किसी राह में, किसी मोड़ पर
चल न देना मुझको तू छोड़कर
मेरे हमसफर, मेरे हमसफर,
मेरे हमसफर, मेरे हमसफर


रात तनहाईयों की दुश्मन है
हर सफ़र हमसफ़र से रोशन है,
मौज के पास जो किनारा है
वो किनारा हसीन लगता है


हमसफ़र मेरे हमसफ़र पंख तुम परवाज़ हम
ज़िंदगी का साज़ हो तुम साज़ की आवाज़ हम
‏मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तेरा क्या भरोसा ए हमसफ़र,
तेरी यु प्यार करने की अदा, कहीं मेरा दर्द और न बढ़ा दे


हमसफ़र साथ-साथ चलते हैं
रास्ते तो बेवफ़ा बदलते हैं
आपका चेहरा है जब से मेरे दिल में
जाने क्यों लोग मेरे दिल से जलते हैं
जो अपने हमसफ़र थे दुबारा नहीं मिले,


राह के हमसफ़र ऐ मेरे साथिया,
ख्वाब में तुम सदा आते जाते रहें!
जिंदगी जंग है,कण्टकाकीर्ण पथ,
शूल या फूल तुम मुस्कुराते रहे


फिर नींद से उठकर इधर उधर देखते है तुम्हे
क्यों ख्वाबों में मेरे इतने करीब चले आते हो तुम
‏बातें मंज़िलों की तू न कर मुझसे,
है हमसफ़र… तो मेरे साथ आ


ये लकीरें, ये नसीब, ये किस्मत
सब फ़रेब के आईनें हैं…
हाथों में तेरा हाथ होने से ही
मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं


आज तुझसे नही शायद खुद से ही मेरी रुसवाई है
तुझसे करके प्यार मैने जिंदगी में पाई सिर्फ तन्हाई है
दामन छुड़ा के प्यार का मेरे तूने अपनी दुनियां बसाई है
मैने समझा तुझे हमसफर अपना तू निकला हरजाई है


जो अपने हमसफ़र थे दुबारा नहीं मिले,
पीछे जो रह गये थे, मेरे हम-क़दम हुए,
कुछ इस तरह से साथ मेरे हमसफ़र चले,
साये से जैसे जिस्म कोई बेख़बर चले l


हुमज़ुबां मेरे थे इनके दिल मगर अच्छे न थे,
मंज़िलें अच्छी थीं मेरे हमसफ़र अच्छे न थे,
वो आती है रोज मेरे कब्र पर अपने हमसफर के साथ,
कौन कहता है की दफनाने के बाद जलाया नही जाता।


राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है,
ये रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है।


शाम आई तो बिछुड़े हुए हमसफ़र,
आंसुओं से इन आंखों में आने लगे,
आंखें मंज़र हुई, काम नग़्मा हुए,
घर के अन्दाज़ ही घर से जाते रहे।


तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नज़र आता है,
मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नज़र आता है,
कैसी उदास है जिंदगी बिन तेरे हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नज़र आता है।


हमसफ़र २ लाइन शायरी

हमसफ़र २ लाइन शायरी

जिंदगी की राहो में मिलेंगे तुम्हें हजारों हमसफर
लेकिन उम्र भर भूल ना पाओगे वह मुलाकात हु मैं


उल्फत में अक्सर ऐसा होता है
आँखे हंसती हैं और दिल रोता है
मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी
हमसफर उनका कोई और होता है!


जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गये
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की
वो जो साथ चलने वाले रास्ता मोड़ गये।


आपके आने से ज़िन्दगी कितनी खूबसूरत है
दिल में बसी है जो वो आपकी ही सूरत है
दूर जाना नही हम से कभी भूलकर भी
हमे हर कदम पर सिर्फ आपकी ज़रूरत


कुछ सोचु तो तेरा ही ख्याल आता हैं
कुछ बोलू तो तेरा नाम आता हैं
कब तक मैं छुपाऊँ अपने दिल की बात
तेरी हर एक अदा पे हमे प्यार आता हैं


चेहरे पर तेरे सिर्फ मेरा ही नूर होगा
उसके बाद फिर तू न कभी मुझसे दूर होगा
जरा सोच के तो देख क्या ख़ुशी मिलेगी
जिस पल तेरी मांग में मेरे नाम का सिंदूर होगा


दो पलना मेरा कभी रूठना
और ना कभी तेरा मनाना
ही हम दोनों को मोहब्बत
को कम कर गया जिन्दगी है
आ हँस बोल के काट लें


जीने के लिए जान जरुरी हैं
हमारे लिए तो आप जरुरी हैं
मेरे चेहरे पे चाहे गम हो
आपके चेहरे पे मुस्कान जरुरी हैं


रूठना मत कभी हमें मनाना नहीं आता
दूर नहीं जाना हमें बुलाना नहीं आता तुम
भूल जाओ हमें यह तुम्हारी मर्ज़ी है हम
क्या करें हमें भुलाना नहीं आता


रूठना अगर तुम्हारी आदत है
तो तुम्हें मनाना मेरा कर्तव्य है
तुम हजा़र बार रूठोगी
तो मैं लाखों बार मनाऊंगा


ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती
मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती
कोई मेरा भी कभी हमसफ़र होता
मुझे ही क्यूँ मोहब्बत नहीं मिलती


सामने मंजिल थी और पीछे उसका वजूद,
क्या करते हम भी यारों,
रुकते तो सफर रह जाता,
चले तो हमसफर रह जाता।


शाम आयी, तो बिछड़े हुए हमसफ़र,
आंसुओं से इन आंखों में आके रहे,
हर मुसाफिर है तन्हा-तन्हा क्यों,
एक-एक हमसफ़र से पूछते हैं।


यकीन नहीं आता कि,
वो बेवफा कभी मेरा हमसफर था,
और सब कुछ तो था हमारे बीच,
बस ना जाने प्यार किधर था।


जहां सर झुक जाए वही खुदा का घर है,
जहां हर नदी मिल जाए वही समुंदर है,
इस जिंदगी में दर्द तो सब देते हैं,
जो दर्द समझे वही अच्छा सच्चा हमसफ़र है।


मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती,
हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नहीं जाती,
दोस्त की कमी हर पल रहती है यार,
दूरियों से दोस्ती छुपाई नहीं जाती।


Humsafar Shayari In Hindi

Humsafar Shayari In Hindi

फिरते हैं कब से दरबदर अब इस नगर अब उस नगर
एक दूसरे के हमसफ़र, मैं और मेरी आवारगी


चाहूँगा तुझे साँस के थमने तक
अब यहीं अपना अज़म-ए-सफर हैं
मैं क्यों देखूँ कमर की तरफ
सब से हसीन मेरा हमसफ़र हैं!


कुछ तो हवा भी सर्द थी
कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ
होता रहा मलाल भी!


ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती
मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती
कोई मेरा भी कभी हमसफ़र होता
मुझे ही क्यूँ मोहब्बत नहीं मिलती


कितनी खूबसूरत सी
लगने लगती है जिंदगी
जब कोई तुम्हारे पास आके
घुटनों के बल तुमसे पूछे
क्या तुम मुझसे शादी करोगी


ना मेरा कभी रूठना
और ना कभी तेरा मनाना
ही हम दोनों को मोहब्बत
को कम कर गया!


जरूरते भी जरुरी है, जीने के लिये लेकिन,
तुझसे जरूरी तो, जिंदगी भी नहीं


जो लम्हा साथ है, उसे जी भर के जी लेना..
कमबख्त ये जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं है


मेरी हर ख़ुशी हर बात तेरी हैं साँसों में छुपी ये साँस तेरी हैं

दो पल भी नही रह सकते तेरे बिन धड़कनों की धड़कती हर आवाज तेरी हैं


चंदन की लकड़ी फूलों का हार,
अगस्त का महीना सावन की फुहार,
भैया की कलाई बहन का प्यार,
मुबारक हो आपको रक्षा-बंधनका त्यौहार।


ना सवाल बनके मिला करो,
ना जवाब बनके मिला करो,
मेरी जिंदगी मेरा ख्वाब है,
मुझे ख्वाब बनके मिला करो.


जहां सर झुक जाए वही खुदा का घर है
जहां हर नदी मिल जाए वही समुंदर है
इस जिंदगी में दर्द तो सब देते हैं
जो दर्द समझे वही अच्छा सच्चा हमसफ़र है


हम चले तो जाए किसी सफर को
कोई मंजिल तो भाये इस नजर को
वो जो हम सफर नहीं तो न सही
राह में तो ठोक रहे हो इस कसर को


उल्फत में अक्सर ऐसा होता है
आँखे हंसती हैं और दिल रोता है
मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी
हमसफर उनका कोई और होता है


Heart Touching Shayari On Humsafar In Hindi

Heart Touching Shayari On Humsafar In Hindi

अकेला छोड़ने वालों को ये बताए कोई
कि हम तो राह को भी हमसफ़र समझते हैं


सुकून चाहता है हर कोई
अपने ही हमसफर में..
यूं ही नहीं जान लुटाता कोई
इस इश्क़ के गहरे समुंदर में..

sukun chahta hai har koi
apne hi humsafar mein..
yun hi nahin jaan lutata koi
is ishq ke gehre samundar mein


मौजूदगी नहीं होती ऐसी
काबिल-ए-शराफत की..
क्या आप बन जाओगी
हमसफर जिंदगी की..

maujoodgi nahin hoti aisi
kabil a sharafat ki..
kya aap ban jaogi
humsafar zindagi ki


सादगी की तलाश में
हम जिंदगी गुजारते रहें..
जानेमन तुझमें हम
हमसफर ढूंढते रहे.

saadgi ki talash mein
ham jindagi gujarte rahe..
janeman tujh mein ham
humsafar dhundhte rahe


रास्ते अनजाने में ही सही पर
हम दोनों को करीब ले आए
अब मिट गए हैं फासले हमसफर
तेरे अंदाज ही कुछ ऐसे रंग लाए

raaste anjane me hi sahi par
hum dono ko karib le aaye
ab mit gye hai fasle humsafar
tere andaz hi kuch aise rang laaye


काश दिल की आवाज़ में इतना असर हो जाए,
हम याद करें उनको और उन्हें ख़बर हो जाए…

Kash Dil Ki Awaaz Mein Itana Asar Ho Jaye,
Ham Yaad Kare Unko Aur Unhe Khabar Ho Jaye


सुनो बहुत इंतजार करता हूँ तुम्हारा,
सिर्फ एक कदम बढा दो बाकी के फासले मैं खुद तय कर लूँगा…

Suno, Bahot Intezar Karta Hun Tumhara,
Sirf Ek Kadam Badha Do,Baki Ke Fasale Main Khud Tay Kar Lunga..


लोग पूछते है मेरी खुशियों का राज क्या है..
इजाज़त हो तो आप का नाम बता दूँ…

Log Puchhate Hai Meri Khushiyan Ka Kya Raz Hai..
Izazat Ho To Aap Ka Naam Bata Hun


तुम्हारी ज़ुल्फ़ों के साये में शाम कर लूंगा,
सफर इस उम्र का पल में तमाम कर लूंगा…

Tumhari Zulfon Ke Saye Mein Sham Kar Lunga,
Safar Is Umra Ka Pal Mein Tamam Kar Lunga


कौन सी बात है जो उस में नहीं,
उस को देखे मेरी नज़र से कोई…

Kaun Si Baat Hai Jo Us Mein Nahin,
Us Ko Dekhe Meri Nazar Se Koi


राहत मिली है तुमसे, चाहत भी तुम ही हो
जिसको छुडा न पाँऊ वो आदत भी तुम ही हो..

Rahat Mili Hai Tumse, Chahat Bhi Tum Hi Ho,
Jisko Chhuda Na Paun Wo Aadat Bhi Tum Hi Ho


ए खुदा किसी को किसी पर फ़िदा मत करना,
और अगर करे तो फिर उन्हें जुदा मत करना..

Ae Khuda Kisi Ko Kisi Par Fida Mat Karna,
Aur Agar Kare To Phir Unhe Juda Mat Karna


तुम भी अच्छे तुम्हारी वफा भी अच्छी,
बुरे तो हम हैं जिनका दिल नहीं लगता तुम्हारे बिना…

Tum Bhi Acchhe,Tumhari Wafa Bhi Acchhi,
Bure To Ham Hai Jinka Dil Nahin Lagta Tumhare Bina


मेरे इश्क से मिली है तेरे वजूद को ये शौहरत…
वरना तेरा ज़िक्र ही कहाँ था मेरी दास्ताँ से पहले…

Mere Ishq se Mili Hai Tere Wazood Ko Ye Shauharat,
Varna Tera Zikra Hi Kahan Tha Meri Dastan Se Pehale.


हाल जब भी पूछो खैरियत बताते हो,
लगता है मोहब्बत छोड़ दी तुमने..

Haal Jab Bhi Poochho Khairiyat Batate Ho,
Lagta Hai Mohobbat Chhod Di Tumne.


कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते,
रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते…

Kaun Kehata Hai Ki Musafir Zakhmi Nahi Hote,
Raste Gawah Hai Bas Gawahi Nahi Dete


कुछ जख्म सदियों बाद भी ताजा रहते है,
वक़्त के पास हर मर्ज़ की दवा नहीं होती..

Kuchh Zakhm Sadiyon Baad Bhi Taja Rahate Hai,
Waqt Ke Pas Har Marz Ki Dava Nahin Hoti


सिरफिरे होते हैं इतिहास वो ही लिखते हैं..
समझदार तो सिर्फ उसे पढते हैं..

Sirphire Hote Hai Itihas Wo Likhate Hai..
Samajhadar To Sirf Use Padhate Hai


जो आपसे दिल से बात करते हो,
उनको कभी दिमाग से जवाब मत देना

Jo Apse Dil Se Baat Karte Ho,
Unko Kabhi Dimag Se Jawab Mat Dena


नाम तेरा मेरी जुबाँ पर खुद ही आ जाता है..
जब कोई मुझसे मेरी आखिरी ख्वाहिश पूछता है

Naam Tera Juban Par Khud Hi Aa Jata Hai,
Jab Koi Mujh Se Meri Akhiri Khwaish Poochhata Hai


Mil Gaya Hoga Koi Gazab ka Humsafar
Varna Mera Yaar yoon Badalne wala Na Tha

मिल👤गया होगा कोई गजब👌का हमसफर
वरना मेरा यार😧 यूं बदलने वाला ना था


Kabhi tum bhi likha karo Do Shabd Hamare Liye
 Hamen sirf likhna hi Nahin Padna bhi achcha lagta hai


कभी तुम👤भी लिखा✍करो दो📄शब्द हमारे लिए
हमें सिर्फ लिखना ही नहीं पढ़ना📓भी अच्छा लगता है


Baten To Har Koi samajh Leta hai
Humsafar Aisa Ho
Jo Khamoshi bhi samjhe

बातें तो हर कोई😐समझ लेता है
हमसफर👤ऐसा हो
जो खामोशी भी👍समझे


Zindagi Ki Rahon Mein Milenge
Tumhen Hazaron Humsafar
Lekin Umra Bhar Bhul Na paoge
Vo Mulakat Hun Main

जिंदगी☺की राहों🚶में मिलेंगे
तुम्हें हजारों हमसफर
लेकिन उम्र भर भूल ना👎पाओगे
वह मुलाकात हु मैं


Narazgi Chahe Kitni bhi
Kyon Na Ho Tumse
Tumhen Chhod Dene Ka Khyal
Hamen Aaj Bhi Nahin Aata

नाराजगी चाहे कितनी भी
क्यों😑ना हो तुमसे
तुम्हे छोड़ देने का ख्याल
हमें आज भी❌नहीं😊आता


Ek Hasrat Hai unhen
manane Ki “humsafar shayari”
Vo itne acche Hain Ki Kabhi
Khafa hi nahin Hote

एक☝हसरत है उन्हें
मनाने की
वो👤इतने😍अच्छे हैं कि कभी
खफा ही नहीं होते


Azad kar dunga Tumko
Apni Mohabbat Ki ked se
Kare jo humse Behtar Tumhari Kadar
Pahle vo shaksh to dhundho

आजा कर दूंगा👤तुमको
अपनी मोहब्बत की कैद 👫 से
करे जो हमसे बेहतर तुम्हारी😚कदर
पहले वह शख्स तो😋ढूंढो


Pasina Umra Bhar ka
Uski god mein Sukh jaega
Humsafar Kya Hota Hai
Ye Budhape Mein samajh aaega


पसीना 😧 उम्र भर का
उसकी गोद 😚 में सूख जाएगा
हमसफर क्या होता है
यह बुढ़ापे👵में समझआएगा


Zindagi Mein Kuch Na Pa sake
To Kya Gum Hai “humsafar shayari
Tere Jaisa Humsafar Paya
Yah Kya Kam Hai

जिंदगी में कुछ ना❌पासके
तो क्या गम है
तेरे😍जैसा हमसफ़र पाया
यह😚क्या कम है


2021 हमसफ़र २ लाइन शायरी हिन्दी

2021 हमसफ़र २ लाइन शायरी हिन्दी

मत कर हंगामा पीकर हमारी गली में
हम तो खुद बदनाम है तेरी मोहब्बत के
नशे में


बहुत नजदीक से गुजरे वो बेखबर बनकर,

कल तलक साथ थे जो मेरे हमसफर बनकर.

Bahut Najdik Se Gujare Vo Bekhabar Bankar,

Kal Talak Sath The Jo Mere Hamsafar Bankar


पहले कुछ दूर तक साथ चलके परख,

फिर मेरे हमसफ़र मुझे हमसफ़र बोलना.

Pahale Kuch Dur Tak Sath Chalke Parakh,

Fir Mere Hamsafar Mujhe Hamsafar Bolna


सामने मंजिल थी और पीछे उसका वजूद क्या करते हम भी यारों,

रुकते तो सफर रह जाता चले तो हमसफर रह जाता.

Samane Manjil Thi Aur Piche Uska Vajud Kya Karte Ham Bhi Yaaro,

Rukate To Safar Rah Jaata Chale To Hamsafar Rah Jaata


रहे जिंदगी में यह कहानी सभी की है,

हमराज कोई और है, हमसफर कौई और है.

Rahe Zindagi Me Yah Kahaani Sabhi Ki Hai,

Hamraaj Koi Aur Hai, Hamsafar Koi Aur Hai


उन्हीं रास्तों ने जिन पे कभी तुम साथ थे मेरे,

मुझे रोक रोक के पूछा तेरा हमसफ़र कहाँ है.

Unhi Rasto Ne Jin Pe Kabhi Tum Sath The Mere,

Mujhe Rok Rok Ke Pucha Tera Hamsafar Kaha Hai.


मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तेरा क्या भरोसा ए हमसफ़र,

तेरी यु प्यार करने की अदा, कहीं मेरा दर्द और न बढ़ा दे.


Mujhe Chod De Mere Haal Par Tera Kya Bharosa Ae Hamsafar,

Teri Yu Pyaar Karne Ki Ada, Kahi Mera Dard Aur Na Badha De


रुस्वाई ज़िंदगी का मुकद्दर हो गयी, मेरे दिल भी पत्थर हो गया,

जिसे रात दिन पाने के ख्वाब देखे, वो बेवफा किसी और की हमसफर हो गई.

Rusvayi Zindagi Ki Mukaddae Ho Gayi, Mere Dil Bhi Patthar Ho Gaya,

Jise Raat Din Paane Le Khwaab Dekhe, Vo Bewafa Kisi Aur Hamsafar Ho Gayi.


शाम आयी तो बिछड़े हुए हमसफ़र, आंसुओं से इन आंखों में आके रहे,

हर मुसाफिर है तन्हा-तन्हा क्यों, एक-एक हमसफ़र से पूछते हैं.

Shaam Aayi To BichadeHuye Hamsafar, Aansuo Se In Aankho Me Aake Rahe,

Har Musaafir Hai Tanha Tanha Kyo, Ek Ek Hamsafar Se Puchate Rahe.


ज़िन्दगी से मेरी आदत नहीं मिलती, मुझे जीने की सूरत नहीं मिलती,

कोई मेरा भी कभी हमसफ़र होता, मुझे ही क्यूँ मोहब्बत नहीं मिलती.

Zindagi Me Meri Aadat Nahi Milati, Mujhe Jine Ki Surat Nahi Milati,

Koi Mera Bhi Kabhi Hamsafar Hota,Mujhe Hi Kyu Mohabbat Nahi Milati.


फिरते हैं कब से दरबदर अब इस नगर अब उस नगर,

एक दूसरे के हमसफ़र, मैं और मेरी आवारगी.

Firate Hai Kab Se Darbaar Ab Is Nagar Ab Us Nagar,

Ek Dusare Ke Hamsafar, Mai Avaargi.


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