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[141+] Gulzar Shayari In Hindi | गुलजार शायरी हिन्दी

Heart Touching Gulzar Shayari

Heart Touching Gulzar Shayari

तुम्हे जो याद करता हुँ मै दुनिया भूल जाता हूँ ।
तेरी चाहत में अक्सर ∆सभँलना भूल जाता हूँ ।


Talab aisi Ҝi ∆Sanson ɱein Saɱa Lunga Tujhe¸
Ҝisɱat Aisi Ҝe deҜhne Ҝo ɱohtaj Hoon Tujhe .
तलब ऐसी की ∆ सांसो में समां लूंगा तुझे¸
किस्मत ऐसी के देखने को मोहताज हूं तुझे


DeҜh Ҝar Tujhe cigaret Bujha Di¸
aur is ladҜe se Ҝitni Izzat chahie Tujhe.
देख कर तुझे ∆ सिगरेट बुझा दी¸
और इस लड़के से कितनी ∆ इज्जत चाहिए तुझे


SabҜe Saɱne Hath paҜad leta hai tuɱhara¸
ye Churiwala EҜ Din ɱaar Ҝhaega ɱujhse.
सबके सामने हाथ पकड़ लेता है ∆ तुम्हारा¸
यह चूड़ी वाला एक ∆ दिन मार खाएगा मुझसे


Bahut chhale Hain UsҜe Pairon ɱein¸
ҜaɱbaҜht usoolon per Chala hoga.
बहुत छाले है उसके पैरों में
कमबख्त उसूलों पर चला होगा


Ghulaɱ the To Haɱ Sab Hindustani the
Azadi Ne Huɱe Hindu ɱusalɱan banaa Diya
गुलाम थे ∆ तो हम सब हिंदुस्तानी थे¸
आजादी ने हमें ️हिंदू मुसलमान ∆ बना दिया


बचपन में भरी ∆ दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला;
जब से डिग्रियां ∆ समझ में आयी पांव जलने लगे हैं।
Bachapan Me Bhari ∆ Dupahari Me Naap Aate The Pura Mohalla
Jab Se Degreeyan ∆ Samajh Me Aayi Panv Jalane Lage


छोटा सा साया था; आँखों में आया था;
हमने दो बूंदों से मन भर लिया।

Chhota Sa Saya Tha; Ankhon Me Aaya Tha.
Hamane Do Bundo Se man Bhar Liya


मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता;
हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।

Main Har Raat Ki Khwahishon Ko Khud Se Pahale Sula Deta;
Hun Magar Roz Subah Ye Mujhase Pahalae Jaag Jati Hain


वक़्त रहता नहीं ∆ कहीं टिक कर;
आदत इस की भी आदमी सी है।

Waqt Rahata ∆ Nahi Kahi Tik Ke;
Aadat Is Ki Adami Si Hain


हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में;
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया।

Ham Ne Aksar Tumhari Raahon Me
Ruk Kar Apana Hi Intzaar Kiya


कौन कहता हैं कि हम ∆ झूठ नहीं बोलते
एक बार खैरियत तो पूछ के देखियें।

Kaun Kahata Hain Ki Ham ∆ Jhuth Nahi Bolate
Ek Baar Kairiyat To Puchh Ke Dekhiye


कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल;
जब हम बदलते हैं तुम ∆ शर्ते बदल देते हो।

Kaise Kare Khud Ko Tere Pyaar Ke Kabil;
Jab Ham Badalate Hain Tum ∆ Sharten Badal Dete Ho


सहमा सहमा डरा सा रहता है;
जाने क्यूं जी भरा सा रहता है।

Sahama-Sahama Dara Sa Rahata Hain;
Jane Kyun Jee Bhara Sa Rahata Hain


एक ही ख़्वाब ने सारी ∆ रात जगाया है
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की।

Ek Hi Khwaab Ne Sari ∆ Raat jagaya Hain.
Main Ne Har karwat Sone Ki Koshish Ki


ये कैसा रिश्ता हुआ इश्क में वफ़ा का भला;
तमाम उम्र में दो चार छ: गिले भी नहीं।

Ye Kaisa Rishta Hua Ishq Me; Wafa Ka Bhala
Tamaam Umr Me Do-Char-Chh: Jile Nhai


गुलज़ार शायरी इन हिंदी

गुलज़ार शायरी इन हिंदी

आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई


उधड़ी सी किसी ∆ फ़िल्म का एक सीन थी बारिश;
इस बार मिली मुझसे तो ग़मगीन थी बारिश।
कुछ लोगों ने रंग लूट लिए शहर में इस के;
जंगल से जो निकली थी वो रंगीन थी बारिश


ना दूर रहने से ∆रिश्ते टूट जाते हैं
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के ∆पक्के धागे हैं
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं


इस दिल का कहा मनो एक काम कर दो;
एक बे-नाम सी ∆मोहब्बत मेरे नाम करदो।
मेरी ज़ात पर ∆फ़क़त इतना अहसान कर दो;
किसी दिन सुबह को मिलो और ∆शाम कर दो


एक सो सोलह चाँद की रातें ;
एक तुम्हारे ∆कंधे का तिल।
गीली मेहँदी की ∆खुश्बू झूठ मूठ के वादे;
सब याद करादो सब ∆भिजवा दो
मेरा वो सामान लौटा दो


मेरे दिल में एक धड़कन तेरी हैं;
उस धड़कन की कसम तू ज़िन्दगी मेरी है।
मेरी तो हर सांस में एक सांस तेरी हैं;
जो कभी सांस जो रुक जाए तो मौत मेरी हैं


एक सो ∆सोलह चाँद की रातें
एक तुम्हारे ∆कंधे का तिल।
गीली मेहँदी की खुश्बू झूठ मूठ के वादे;
सब याद करादो ∆सब भिजवा दो
मेरा वो सामान लौटा दो


इस दिल का कहा मनो एक काम कर दो;
एक बे-नाम सी मोहब्बत मेरे नाम करदो।
मेरी ज़ात पर फ़क़त इतना अहसान कर दो;
किसी दिन सुबह को मिलो; और शाम कर दो।


मेरे दिल में एक ∆धड़कन तेरी हैं;
उस धड़कन की कसम तू ज़िन्दगी मेरी है
मेरी तो हर ∆सांस में एक सांस तेरी हैं
जो कभी सांस जो रुक जाए तो मौत मेरी हैं।


तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान;
दिल तड़पता रहा; हम मिटाते रहे।
ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में;
उसको पढते रहे और जलाते रहे।


मेरे दर्द को भी आह का हक़ हैं;
जैसे तेरे ∆ हुस्न को निगाह का हक़ है।
मुझे भी एक दिल दिया है ∆ भगवान ने
मुझ नादान को भी एक ∆ गुनाह का हक़ हैं


Gulzar Shayari In Hindi 2 Lines

Gulzar Shayari In Hindi 2 Lines

बेशूमार मोहब्बत होगी उस बारिश की बूँद को इस ज़मीन से;
यूँ ही नहीं कोई मोहब्बत मे इतना गिर जाता है


Woh cheez Jise ∆ Dil Ҝahate Hain¸
Haɱ bhul gaye hain RaҜh Ҝar Ҝahin
वह चीज जिसे ∆ दिल कहते है
हम भूल गए है रखकर कहीं


Chup hun to Pathar Na ∆ saɱajhna ɱujhe¸
Dil Par Asar Hua Hai Ҝisi Apne Ҝi baat Ҝa.
चुप हो तो पत्थर ना ∆ समझना मुझे¸
दिल पर असर हुआ है किसी अपने की बात का


Ҝuch Aise ho gaye hain is Daur Ҝe Rishte¸
Awaaz Agar Tuɱ Na do to bolate wo Bhi Nahin.
कुछ ऐसे हो गए है✧ इस दौर के रिश्ते‍‍‍¸
आवाज अगर तुम ना दो तो बोलते वह भी ❌नही


Teri Tarah Bewafa niҜale ɱere Ghar Ҝe Aaine bhi¸
Ҝhud Ҝo DeҜhu Teri Tasveer Nazar Aati Hai.
तेरी तरह बेवफा निकले मेरे घर के ∆ आईने भी
खुद को देखूं ∆ तेरी तस्वीर नजर आती है


Wo Jo Surat per SabҜi Haste Hain¸
unҜo tohfe ɱain EҜ Aaina dijiye.
वह जो सूरत पर सबकी हंसते है
उनको तोहफे में एक आईना दीजिए


कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए;
भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं।
Kuchh Alag Karana Ho To ∆ Bheed Se Hat Ke Chaliye;

Bheed Sahas Deti Hain; Magar ∆ Pahachaan Chhin Leti Hain.


आप के बाद हर घड़ी हम ने;
आप के साथ ही गुज़ारी है।

Aap Ke Baad Har Ghadi Ham Ne;

Aap Ke Sath Hi Guzari Hain


∆ ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा;
∆ क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा।

∆ Zindagi Yun Hi Basar Tanha

∆ Kafila Sath Aur Safar Tanha


वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर;
आदत इस की भी आदमी सी है।

Waqt Rahata Nahi Kahi Tik Ke;

Aadat Is Ki Adami Si Hain


मिलता तो बहुत कुछ है इस ∆ ज़िन्दगी में
बस हम गिनती उसी की करते है जो ∆ हासिल ना हो सका।

Milana To Bahut Kuchh Hain Is ∆ Zindagi Me;

Bas Ham Ginati Usi Ki Karate Hain Jo ∆ Hasil Na Ho Saka


दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा;
इसका शायद कोई हल नहीं हैं।

Dil Agar Hain To Dard Bhi Hoga;

Isaka Shayad Koi Hal NAHI Hoga


रोई है किसी छत पे ∆ अकेले ही में घुटकर;
उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश।

Royi Hain Kisi Chhat Pe ∆ Akeli Hi Me Ghutkat;

Utari Jo Labon Par To Wo Namkin Thi Barish


कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं;
और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता।

Kabhi Zindagi Ek Pal Me Guzar Jati Hain;

Aur Kabhi Zindagi Ka Ek Pal Nahi Guzarata


सुना हैं काफी ∆ पढ़ लिख गए हो तुम;
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं।

Suna Hain Kafi ∆Padh Likh Gaye Hoo Tum;

Kabhi Wo Bhi Padhon Jo Ham Kah Nahi Pate Hain


मैं दिया हूँ! मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं;
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं।

Main Diya Hun! Meri Dushamani To Sirf Andhere Se HAIN;

Hawa To Bewajah Hi Mere Khilaf Hain


Gulzar Shayari Hindi

Gulzar Shayari Hindi

आप के बाद हर घड़ी हम ने
आप के साथ ही गुज़ारी है


पहली मोहब्बत; मुकदमे की तरह होती हे;
ना खतम होती हे; ना इंसान को; बाइज्जत बरी करती हे.

Pahali mohabbat; Mukadame ki tarah hoti he;
Na khatam hoti he; Na insaan ko baijjat bari karati he


राधा सी सादगी हे तुम मे; इसलिए पसंद हो;
वरना खूबसूरत तो; यहाँ गोपिया भी हे.

Raadha si sadagi he tum me; Isaliye pasand ho;
Warana khubasurat to; Yahaan gopiya bhi he.


कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल;
जब हम बदलते हैं; तुम शर्ते बदल देते हो।

Kaise Kare Khud Ko Tere Pyaar Ke Kabil;

Jab Ham Badalate Hain; Tum Sharten Badal Dete Ho


किसी पर मर जाने से होती हैं मोहब्बत;
इश्क जिंदा लोगों के बस का नहीं।

Kisi Par mar Jane Se Hoti Hain Mohabbat;

Ishq Zinda Logon ke Bas Ka Nahi.


शोर की तो उम्र होती हैं;
ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं।

Shor Ki To Umr Hoti Hain;

Khamoshi To Sadabhahaar Hoti hain.


हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको;
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया?

Ham To Samjhe The Ki Ham Bhul Gaye Unako;

Kya Hua Aaj Ye Kis Baat Pe Rona Aaya


शायर बनना बहुत आसान हैं;
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए।

Shayar Bananaa Bahuta Aasaan Hain;

Bas Ek Adhuri Mohabbat Ki Mukammal Degree Chahiye.


एक बार तो यूँ होगा; थोड़ा सा सुकून होगा;
ना दिल में कसक होगी; ना सर में जूनून होगा।

Ek Baar To U Hoga; Thoda Sa Sukun Hoga;

Naa Dil Me Kasak Hogi; Naa Sar Me Junun Hoga


बचपन में भरी दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला;
जब से डिग्रियां समझ में आयी पांव जलने लगे हैं।

Bachapan Me Bhari Dupahari Me Naap Aate The Pura Mohalla; J

ab Se Degreeyan Damajh Me Aayi Panv Jalane Lage


हाथ छुटे भी तो रिश्ते नहीं नहीं छोड़ा करते;
वक्त की शाख से लम्हें नहीं तोडा करते।

Hath Chhute Bhi To Rishte Nahi Chhoda Karate;

Waqt Ki Shakh Se Lamhe Nahi Toda Karate.


कोई ख़ामोश ज़ख़्म लगती है;
ज़िंदगी एक नज़्म लगती है।

Koi Khamosh Zakhm Lagati HAI;

Zindagi Ek Nazm Lagati hain


एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है;
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की।

Ek Hi Khwaab Ne Sari Raat jagaya Hain.

Main Ne Har karwat Sone Ki Koshish Ki


Shayari On Dosti By Gulzar

Shayari On Dosti By Gulzar

तुम्हारी ख़ुश्क सी आँखें भली नहीं लगतीं
वो सारी चीज़ें जो तुम को रुलाएँ; भेजी हैं


न ❌ हक़ दो इतना की;
तकलीफ हो तुम्हे;
न वक्त दो इतना की;
गुरुर हो हमें.

Na ❌ hak do itana ki;
Takaliph ho tumhe;
Na wakt do itana ki;
Gurur ho hamen.


जो जाहिर करना पड़े
वो दर्द कैसा
और जो दर्द न समझ सके
वो हमदर्द कैसा

Jo jaahir karana pade
Wo dard kaisa;
Aur jo dard na samajh sake
Wo hamadard kaisa


हसरते पूरी ❌ न हो तो;
न सही;
पर 🥱 ख्वाब देखना कोई;
गुनाह तो नहीं.

Hasarate poori ❌ na ho to;
Na sahee;
Par khwaab dekhana koi;
Gunaah to nahin.


मेरा हक़ ❌ नहीं है तुम पर;
ये जानता हु में;
फिर भी न जाने क्यों;
दुआओ में तुझको मांगना;
अच्छा लगता हे.

Mera hak ❌ nahi he tum par;
Ye jaanta hu me;
Phir bhi na jane kyon;
Duao me tuzako mangna;
Achha lagata he.


दुपट्टा क्या रख लिया 🤯 सर पे
वो दुल्हन नजर आने लगी
उसकी तो 🤞अदा हो गयी
जान हमारी जाने लगी

Dupatta kya rakh liya 🧘sar pe
Wo dulhan najar ane lagi
Uski to 🤞aada ho gayi
Jaan hamari jane lagi


Der Se Gunjte Hain Sannatey;
Jaise Humko Pukarta Hai Koi.
Kal Ka Har Waqia Tha Tumhara;
Aaj Ki Dastan Hai Hamari.

देर से गूंजते हैं सन्नाटे;
जैसे हमको पुकारता है कोई.
कल का हर वाक़िया था तुम्हारा;
आज की दास्ताँ है हमारी


Bahut mushkil se 🤞karta hu
Teri yaadon ka karobar
Maana munafa kam hai
Par 👆guzara ho jata hai

बहुत मुश्किल से 🤞करता हु
तेरी यादों का कारोबार
माना मुनाफा कम है
पर 👆गुज़ारा हो जाता है


रोई है किसी छत पे; अकेले ही में घुटकर;
उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश।

Royi Hain Kisi Chhat Pe; Akeli Hi Me Ghutkat;
Utari Jo Labon Par To Wo Namkin Thi Barish


Teri Tarah Bewafa niҜale ɱere Ghar Ҝe Aaine bhi¸
Ҝhud Ҝo DeҜhu Teri Tasveer Nazar Aati Hai.
👉तेरी तरह बेवफा निकले 👉मेरे घर 🏡 के आईने भी¸
खुद को देखूं 👉तेरी तस्वीर नजर आती है


Itna kyo sikhaye
Jaa rahi hai zindagi
Humien kaun si sadiyaan
Guzarni hai yahan

इतना क्यों सिखाये
जा रही है ज़िन्दगी
हमें कौन सी सदियाँ
गुज़ारनी है यहाँ


Gaye the sochkar ki baat
Bachpan ki hogi
Magar dost mujhe apni
Tarakki sunane lage

गए थे सोचकर की बात
बचपन की होगी
मगर दोस्त मुझे अपनी
तरक्की सुनाने लगे


Yaad 🧘 aayegi har roz magar
Tujhe aawaz na dunga
Likhunga tere hi liye har gazal
Magar tera naam na lunga

याद 🤒 आएगी हर रोज़ मगर
तुझे आवाज़ ना दूँगा
लिखूँगा तेरे ही लिए हर 🦸ग़ज़ल
मगर तेरा नाम ना लूँगा


Umar jaya kar di logo ne
Auron me nuks nikalte nikalte
Itna khud ko tarasha hota
To frishte ban jate

उम्र जाया कर दी लोगो ने
औरों में नुक्स निकालते निकालते
इतना खुद को तराशा होता
तो फरिश्ते बन जाते


Main har raat 🤕 khawaisho ko
Khud se pehle sula deta hu
Hairat yah hai ki har subah
Ye mujhse pehle jag jati hai

मैं हर रात ख्वाईशो को
खुद से पहले 🛌 सुला देता हु
हैरत यह है की हर सुबह
ये मुझसे पहले 😵‍💫 जग जाती है


Saham si gayi hai
Khawaishe
Zarurato ne shayad un se
Unchi aawaz me baat ki hogi

सहम सी गयी है
ख्वाइशे
ज़रूरतों ने शायद उन से
ऊँची आवाज़ में बात की होगी


Dosti Shayari By Gulzar

Dosti Shayari By Gulzar

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते


कौन कहता है की हम झूठ ❌ नहीं बोलते
एक बार तुम खेरियत पूछ कर तो देखो


बहुत मुश्किल से करता हु तेरी यादों का कारोबार
माना मुनाफा कम है पर 🧑‍🦼गुज़ारा हो जाता है


हाथ छूटें भी तो रिश्ते ❌ नहीं छोड़ा करते;
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते


इतना क्यों सिखाये जा रही है ज़िन्दगी
हमें कौन सी 😵‍💫 सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ


शाम से आँख में नमी सी है आज फिर आप की कमी सी है.

दफ़्न कर दो हमें के साँस मिले;नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है


तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं
तेरे बिना पर ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िन्दगी तो नहीं


तुम मिले तो क्यों लगा मुझे; खुद से मुलाकात हो गई;
कुछ भी तो कहा नहीं मगर; जिंदगी से बात हो गई


बहुत मुश्किल से करता हूँ; तेरी यादों का कारोबार;
मुनाफा कम है; पर गुज़ारा हो ही जाता है


सालों बाद मिले हो गले लगाकर रोने लगे;
जाते वक्त जिसने कहा था तुम्हारे जैसे हजार मिलेंगे


दोस्ती और 👩‍❤️‍👨 मोहब्बत में फर्क सिर्फ इतना है;
बरसों बाद मिलने पर ❤️‍🔥 मोहब्बत नजर चुरा लेती
और दोस्ती सीने से लगा लेती है


कुछ भी कायम नहीं है; कुछ भी नहीं;
और जो कायम है; बस एक मैं हूं;
मैं जो पल-पल बदलता रहता हूं


वो ❤️‍🔥मोहब्बत भी तुम्हारी थी वो नफ़रत भी तुम्हारी थी
हम अपनी वफ़ा का💪 इंसाफ किससे मांगते
वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी


कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए;
भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं।


गुलाम थे तो हम सब हिंदुस्तानी थे
🦸आज़ादी ने हमें हिन्दू ❌मुसलमान बना दिया


मोहब्बत किसी से करनी हो तो हद मैं रहकर करना वरना
किसी को बेपनाह चाहोगे तो टूट कर बिखर जाओगे


तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं;
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन; ज़िन्दगी तो नहीं


ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र के साथ
बस बचपन की जिद्द समझौतों में बदल जाती हैं


चांदी उगने लगी है बालों में;
के उम्र तुम पर हसीन लगती है


मिजाज में थोड़ी सख्ती लाजमी है साहब;
लोग पी जाते अगर समंदर खारा ना होता


कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल;
जब हम बदलते हैं; तो तुम शर्ते बदल देते हो


मैं हर रात ख्वाईशो को खुद से पहले सुला देता हु
हैरत यह है की हर सुबह ये मुझसे पहले जग जाती है


यहां हर कोई रखता है खबर गैरों के गुनाहों की
अजीब फितरत है कोई आईना नही देखता


दिल की बात साफ-साफ कह देनी चाहिए
क्योंकि बता देने से फैसले होते है ना बताने से फासले


यह कैसी मोहब्बत है तेरी
महफिल में मिले तो अनजान कह दिया
तन्हा मिले तो जान कह दिया


नाराजगी मुझसे कुछ ऐसे भी जताती है वह
खफा जिस रोज हो काजल नही लगाती है वह


रस्सी जैसी जिंदगी तनी तनी से हालात
एक सिरे पर ख्वाहिशें दूजे पर औकात


उम्र जाया कर दी लोगो ने औरों में नुक्स निकालते निकालते
इतना खुद को तराशा होता तो फरिश्ते बन जाते


याद आएगी हर रोज़ मगर तुझे आवाज़ ना दूँगा
लिखूँगा तेरे ही लिए हर ग़ज़ल मगर तेरा नाम ना लूँगा


बहुत गजब का नजारा है इस अजब सी दुनिया का
लोग बहुत कुछ बटोरने में लगे है खाली हाथ जाने के लिए


पूरा दिन गुजर गया और आपने याद तक ना किया
मुझे नही पता था कि इश्क में भी इतवार होता है


रोए बगैर तो प्याज भी नही कटता
यह तो जिंदगी है जनाब ऐसे कैसे कट जाएगी


जिंदगी एक बार मिलती है यह बात बिल्कुल गलत है
सिर्फ मौत है जो एक बार मिलती है जिंदगी तो हर रोज मिलती है


कभी फुर्सत मिले तो उनका हाल भी पूछ लिया करो
जिनके सीने में दिल की जगह तुम धड़कते हो

 

Sampooran Singh Kalra Who Is Professionally Known As Gulzar Sahab Was Born In A Sikh Family. After the partition of India He Came to India with his family. He Also Worked In A Garage Due To His Bad Financial Conditions. He Started Writing Just As A Hobby But Soon He Gave Many Hit Songs Which Gave Him Huge Fame.

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