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Ghalib shayari

50+ Best Ghalib shayari | Mirza ghalib shayari in Hindi | मिर्ज़ा ग़ालिब shayari

Ghalib shayari

Hey दोस्तों आज हम कुछ बेहतरीन ghalib shayari और mirza ghalib shayari साझा कर रहे हैं जो आप के दिलो छू जाएँगी।। दोस्तों ये सबसे अच्छी शायरी है जिसे आप व्हाट्सएप, एफबी और इंस्टाग्राम पर साझा कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि आपको ये ghalib shayari in Hindi पसंद आएगी.

Hey guys, today we are sharing some of the best ghalib shayari and mirza ghalib shayari that will touch your heart. Friends, this is the best Shayari that you can share on WhatsApp, FB and Instagram. I hope you will like this ghalib shayari in Hindi.

Ghalib shayari in Hindi

Ghalib shayari in Hindi
Ghalib shayari in Hindi

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है


तुम न आए तो क्या सहर न हुई
हाँ मगर चैन से बसर न हुई।

मेरा नाला सुना ज़माने ने
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई।।

रेख़्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो ‘ग़ालिब’। 
कहते हैं अगले ज़माने में कोई ‘मीर’ भी था।। 

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल।
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।।

वाइज़!! तेरी दुआओं में असर हो तो मस्जिद को हिलाके देख। 
नहीं तो दो घूंट पी और मस्जिद को हिलता देख।। 

न था कुछ तो ख़ुदा था कुछ न होता तो ख़ुदा होता।
डुबोया मुझ को होने ने न होता मैं तो क्या होता।।

कितना ख़ौफ होता है शाम के अंधेरों में।
पूछ उन परिंदों से जिनके घर नहीं होते।।

मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का।
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले।।


Best Ghalib shayari in Hindi

Best Ghalib shayari in Hindi
Best Ghalib shayari in Hindi

हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है
तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तगू क्या है


क़र्ज़ की पीते थे मय लेकिन समझते थे कि हां।
रंग लावेगी हमारी फ़ाक़ा-मस्ती एक दिन।।

Qarz kee peete the may lekin samajhate the ki haan.
Rang laavegee hamaaree faaqa-mastee ek din..


दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई।
दोनों को इक अदा में रज़ामंद कर गई।।

Dil se teree nigaah jigar tak utar gaee.
donon ko ik ada mein razaamand kar gaee..


 

दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है। 
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है।।

dil-e-naadaan tujhe hua kya hai.
aakhir is dard kee dava kya hai..


मगर लिखवाए कोई उस को खत
तो हम से लिखवाए
हुई सुब्ह और
घरसे कान पर रख कर कलम निकले..

Magar likhavae koee us ko khat
To haum se likhavae
Huee subh aur
Gharase kaan par rakh kar kalam nikale..


तू ने कसम मय-कशी की खाई है ‘ग़ालिब’
तेरी कसम का कुछ एतिबार नही है..!

Tune kasam may-kashee kee khaee hai ‘gaalib’
teree kasam ka kuchh etibaar nahee hai..!


तेरे वादे पर जिये हम
तो यह जान,झूठ जाना
कि ख़ुशी से मर न जाते
अगर एतबार होता ..

Tere vaade par jiye ham
to yah jaan,jhooth jaana
ki khushee se mar na jaate
agar etabaar hota ..



Mirza ghalib shayari 2021

Mirza ghalib shayari 2021
Mirza ghalib shayari 2021

इश्क़ पर जोर नहीं है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’,
कि लगाये न लगे और बुझाये न बुझे


उनके देखने से जो आ जाती है चेहरे पर रौनक,
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।

Unke Dekhe Se Jo Aa Jaati Hai Chehre Par Raunaq,
Wo Samajhte Hain Ke Beemaar Ka Haal Achchha Hai.


आशिक़ी सब्र तलब और तमन्ना बेताब,
दिल का क्या रंग करूँ खून-ए-जिगर होने तक।

Aashiqi Sabr Talab Aur Tamanna Betab,
Dil Ka Kya Rang Karoon Khoon-e-Jigar Hone Tak.


तुम न आओगे तो मरने की हैं सौ तदबीरें,
मौत कुछ तुम तो नहीं है कि बुला भी न सकूं।

Tum Na Aaoge To Marne Ki Hai Sau Tadbeerein,
Maut Kuchh Tum To Nahi Hai Ki Bula Bhi Na Saku.


आता है दाग-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद,
मुझसे मेरे गुनाह का हिसाब ऐ खुदा न माँग।

Aata Hai Daag-e-Hasrat-e-Dil Ka Shumaar Yaad,
Mujhse Mere Gunaah Ka Hisaab Ai Khudaa Na Maang.


चाँदनी रात के खामोश सितारों की कसम,
दिल में अब तेरे सिवा कोई भी आबाद नहीं।

Chaandni Raat Ke Khamosh Sitaron Ki Kasam,
Dil Mein Ab Tere Siwa Koyi Bhi Aabaad Nahi.


हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे,
कहते हैं कि ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयाँ और।

Hain Aur Bhi Duniya Mein SukhanWar Bahut Achchhe,
Kehte Hain Ki Ghalib Ka Hai Andaaz-e-Bayaan Aur.



Mirza ghalib shayari In Hindi

Mirza ghalib shayari In Hindi
Mirza ghalib shayari In Hindi

जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है


कुछ लम्हे हमने ख़र्च किए थे मिले नही,
सारा हिसाब जोड़ के सिरहाने रख लिया !!


भीगी हुई सी रात में जब याद जल उठी,
बादल सा इक निचोड़ के सिरहाने रख लिया !!


अब अगले मौसमों में यही काम आएगा,
कुछ रोज़ दर्द ओढ़ के सिरहाने रख लिया !!


‘ग़ालिब’ बुरा न मान जो वाइ’ज़ बुरा कहे
ऐसा भी कोई है कि सब अच्छा कहें जिसे …


रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल,
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है !!


जो कुछ है महव-ए-शोख़ी-ए-अबरू-ए-यार है,
आँखों को रख के ताक़ पे देखा करे कोई !!



Mirza ghalib shayari For FB

Mirza ghalib shayari For FB
Mirza ghalib shayari For FB

आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे
आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे
ऐसा कहाँ से लाऊँ कि तुझ-सा कहें जिसे

“गा़लिब” बुरा न मान जो वाइज़ बुरा कहे
ऐसा भी कोई है कि सब अच्छा कहें जिसे


दिल–ए–नादाँ तुझे हुआ क्या है
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है


वो रास्ते जिन पे कोई सिलवट ना पड़ सकी,
उन रास्तों को मोड़ के सिरहाने रख लिया 


इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं


मुहब्बत में उनकी अना का पास रखते हैं,
हम जानकर अक्सर उन्हें नाराज़ रखते हैं !


जी ढूँडता है फिर वही फ़ुर्सत कि रात दिन,
बैठे रहें तसव्वुर–ए–जानाँ किए हुए !!


चाहें ख़ाक में मिला भी दे किसी याद सा भुला भी दे,
महकेंगे हसरतों के नक़्श* हो हो कर पाएमाल भी !!


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Shayari of ghalib in Hindi

Shayari of ghalib in Hindi
Shayari of ghalib in Hindi

आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे
आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे
ऐसा कहाँ से लाऊँ कि तुझ-सा कहें जिसे

“गा़लिब” बुरा न मान जो वाइज़ बुरा कहे
ऐसा भी कोई है कि सब अच्छा कहें जिसे


आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक।
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक।।

Aah Ko Chahaiye Ek Umar Asar Hote Tak,
Kaun Jeeta Hai Tiri Zulfo Ke Sar Hone Tak..


 कितना ख़ौफ होता है शाम के अंधेरों में।
पूछ उन परिंदों से जिनके घर नहीं होते।।

Kitana Khauf Hota Hai Shaam Ke Andhero Me,
Punchh Un Parindo Se Jinake Ghar Nahi Hote.


मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का।
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले।।

Mohabbat Me Nahi Hai Farq Jeene Aur Marane Ka,
Usi Ko Dekh Kar Jeete Hai Jis Kafir Pe Dam Nikale


वाइज़!! तेरी दुआओं में असर हो तो मस्जिद को हिलाके देख।
नहीं तो दो घूंट पी और मस्जिद को हिलता देख।।

Vaiz teri Duwaon Me Asar Ho To Masjid Ko Hilake Dekh,
Nahi To Do Ghut Pee Aur Masjid Hilata Dekh..


हाथों की लकीरों पे मत जा ऐ गालिब।
नसीब उनके भी होते हैं जिनके हाथ नहीं होते।।

Hatho Ki Lakiron Pe Mat Ja E “Galib”,
Nasib Unake Bhi Hote Hai, Jinake Hath Nahi Hote.


Mirza ghalib Quotes in Hindi

Mirza ghalib Quotes in Hindi
Mirza ghalib Quotes in Hindi

इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना।
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना।।

Esharat-E-Katara Hai Dariya Me Fana Ho Jana,

Dard Ka Had Se Guzarana Hain Dawa Ho Jana..


बेवजह नहीं रोता कोई इश्क़ में ग़ालिब
जिसे ख़ुद से बढकर चाहो वो रुलाता ज़रूर है।


ये न थी हमारी किस्मत कि विसाल-ए-यार होता।
अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता।।


हमने माना कि तग़ाफुल न करोगे लेकिन,
खाक हो जायेंगे हम तुझको ख़बर होने तक।


बस कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना।
आदमी को भी मयस्सर नहीं इन्साँ होना।।


मोहब्बत में नहीं है फ़र्क जीने और मरने का,
उसी को देखकर जीते हैं जिस क़ाफ़िर पे दम निकले।


Galib ki shayari in Hindi

Galib ki shayari in Hindi
Galib ki shayari in Hindi

उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़।
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।।


तुम न आए तो क्या सहर न हुई!
हाँ मगर चैन से बसर न हुई!!
मेरा नाला सुना ज़माने ने,
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई!!
TUM N AAYE TO KYA SAHER N HUI !
HA MAGAR CHAIN SE BASAR N HUI!!
MERA NALA SUNA JAMANE NE,
EK TUM HO JISE KHBAR N HUI!!

जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा,
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है!!
JALA HE JISM JAHA DIL BHI JAL GYA HOGA,
KUREDTE HO JO AB RAKH JUSTJU KYA HE !!

तुम न आए तो क्या सहर न हुई!
हाँ मगर चैन से बसर न हुई!!
मेरा नाला सुना ज़माने ने,
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई!!
TUM N AAYE TO KYA SAHER N HUI !
HA MAGAR CHAIN SE BASAR N HUI!!
MERA NALA SUNA JAMANE NE,
EK TUM HO JISE KHBAR N HUI!!

यही है आज़माना तो सताना किसको कहते हैं,
अदू के हो लिए जब तुम तो मेरा इम्तहां क्यों हो!!
YAHI HE AAJMANA TO SATANA KISKO KHTE HE,
ADU KE HO LIYE JB TUM TO TERA IMTEHA KU HO!!

4.हुई मुद्दत कि ‘ग़ालिब’ मर गया पर याद आता है,
वो हर इक बात पर कहना कि यूँ होता तो क्या होता !!
HUI MUDDAT KI ‘GALIB’ MAR GYA PAR YAAD AATA HE,
WO HAR EK BAAT PAR KHNA KI YUH HOTA TO KYA HOTA !!

वो आए घर में हमारे, खुदा की क़ुदरत हैं!
कभी हम उनको, कभी अपने घर को देखते हैं!!
WO AAYE GHAR ME HMARE,KHUDA KI KUDARAT HE!
KBHI HM UNKO,KBHI APNE GHAR KO DEKHTE HE !!


Hindi Galib ki shayari 2021

Hindi Galib ki shayari 2021
Hindi Galib ki shayari 2021

हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे।
कहते हैं कि ‘ग़ालिब’ का है अंदाज़-ए-बयाँ और।।

Hai Aur Bhi Duniya Me Sukun-Var Bahut Achchhe,

Kahate Hai Ki “Galib” Ka Hain Andaaz-E-Bayan Aur..


ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता 
अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता 


इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना 
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना


हुई मुद्दत कि ‘ग़ालिब’ मर गया पर याद आता है,
वो हर इक बात पर कहना कि यूँ होता तो क्या होता !


हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पर दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले


वो आए घर में हमारे, खुदा की क़ुदरत हैं!
कभी हम उमको, कभी अपने घर को देखते हैं


 ज़ाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर .!
या वह जगह बता जहाँ खुदा नहीं .. !!


 उनके देखे जो आ जाती है रौनक..!
वो समझते है कि बीमार का हाल अच्छा है ..!!


खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम 
कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले 


रहने दे मुझे इन अंधेरों में, “ग़ालिब”… 

कमबख्त रौशनी में “अपनों” के असली चेहरे सामने आ जाते हैं  



मिर्ज़ा ग़ालिब shayari in Hindi

मिर्ज़ा ग़ालिब shayari in Hindi
मिर्ज़ा ग़ालिब shayari in Hindi

पियूँ शराब अगर ख़ुम भी देख लूँ दो चार।
ये शीशा-ओ-क़दह-ओ-कूज़ा-ओ-सुबू क्या है।।

Piyun Sharab Agar Khum Bhi Dekh Lu Do Char,

Ye Shisha-O-Kahad-O-Kuza-O-Subu Kya Hain


 ज़ाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर .!
या वह जगह बता जहाँ खुदा नहीं .. !!


 उनके देखे जो आ जाती है रौनक..!
वो समझते है कि बीमार का हाल अच्छा है ..!!


बाजीचा-ऐ-अतफाल है दुनिया मेरे आगे 
होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे 


खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम 
कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले 


रहने दे मुझे इन अंधेरों में, “ग़ालिब”… 

कमबख्त रौशनी में “अपनों” के असली चेहरे सामने आ जाते हैं  



तो दोस्तों ये थे कुछ बेहतरीन ग़ालिब शायरी, Mirza ghalib shayari 2021, और मिर्ज़ा ग़ालिब उद्धरण। दोस्तों अगर आपको ये Ghalib shayari पसंद आती है तो यू कमेंट बॉक्स में पसंद कर सकते हैं।

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