India Shayari

20210917 184430

[ 115+ Latest ] दिल्लगी शायरी | Dillagi shayari In Hindi

Hello, Friends Are You Looking For दिल्लगी शायरी. So Today We Have Brought the Best Collection Of Dillagi Shayari. This Collection Contains Various Types Of Shayari Like Dil Lagi Shayari, Dilbar Shayari Etc. Also, Share These With Your Friends.

दिल्लगी शायरी

दिल्लगी शायरी

तुझको को कसम सबाब की इन तरबोतों को देख कर चल
लाखों पड़ी है ख़ाक में उझडी हवी जवानियाँ


मुझे नहीं पता कि मैं आपको पसंद करता हूं या आपसे प्यार करता हूं,

आपको चाहता हूँ या आपकी जरूरत है,

बस मुझे इतना पता है के जब मैं आपके साथ होता हूँ प्यार महसूस करता हूँ


अगर कोई तुम्हारे लिए सब कुछ हो जाता है

तो दूरीयां मायने नहीं रखती और

उसको सच्चा प्यार किया जाता है Dillagi नहीं


Dillagi नहीं ये मेरे मासूम प्यार की कल्पना है,

अगर मैं हर रोज़ तुम्हारे साथ ही उठूं तो वो सुबह कितनी खूबसूरत होगी


ऐसा कोई पल नहीं जब मैंने तुम्हे याद न किया हो..
और ऐसा कोई पल नहीं जब तुमने मुझे याद किया हो..
हम तुम से प्यार करते रहे और तुम हमसे दिल्लगी करते रहे


मेरी ज़िन्दगी में ख़ुशी की वजह थे तुम ..
मेरा सच्चा प्यार थे तुम..
कोई दिल्लगी नहीं थे तुम..


कुछ अलग था कहेने का अंदाज़ उन्का
के सुना भी कुछ नहीं कहा भी कुछ नहीं
कुछ इस तरह बिखरे उनके प्यार में हम
के टूटा भी कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीं


दिल का दर्द एक राज़ बनकर रह गया ,
मेरा भरोसा मज़ाक बनाकर रह गया,
दिल के सौदागरों से दिल्लगी कर बैठे,
शायद इसलिए मेरा प्यार एक अल्फ़ाज़ बनकर रह गया


इसने दूर रहने का मश्वरा भी लिखा है
साथ ही मोहब्बत का वास्ता भी इसी तरह है
उसने ये भी लिखा है मेरे घर नहीं आना
मुख्य और साफ़ लफ़्ज़ों अपने घर का पता भी लिखा है


तेरी धड़कन ही ज़िन्दगी का किस्सा है मेरा
तो ज़िन्दगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा
मेरी मोहब्बत तुझे से सिर्फ लफ्जों की नहीं है
तेरी रूह से रूह का रिश्ता है मेरा


सब्र एक ऐसी सवारी है जो अपने सवार को,
कभी गिरने नहीं देती ना किसी के कदमों में,
और ना ही किसी की नजरों में


Dillagi shayari

Dillagi shayari

कभी प्यार करना, कभी लड़ाई करना
वो ऐसे ही करते हैं दिल्लगी मुझसे..


मोहब्बत और मयखाने का बहुत गहरा रिश्ता है
मोहब्बत में दिल टूट जाता है तो जाम याद आती है
और मेह्खाने मैं जाम टूटे तो मोहब्बत याद आती है


मुझे कोई सपना मत समझना जिसे तुम अगली सुबह भूल जाओ..
ओह दिलबर साथ निभाना ,Dilagi न करना


कैसे करूँ जज्बातों को अपने बस में, उसे देखते ही दिल तड़पने लग जाता है।
हाय ये दिल्लगी भी क्या चीज़ है


किस्मत वाले हो वो तुम्हारे पास है वो तुम्हारी है,

अभी जिम्मेदारी तुम्हारी है तुम उसके साथ व्यवहार करो,

वरना वो तुम्हारे साथ लम्बा समय नहीं निभा पायेगी


यदि गले लगाने से पता चलता के मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ,

तो मैं तुम्हें ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में रखता


मिले वो यार जो दिल की लगा कर
हमें बहला रहे हैं दिल्लगी से


माना दोस्त, कि दिल्लगी तेरी फ़ितरत नहीं,
फ़िर वाबस्तगी मुझसे, क्यों तेरी हसरत नहीं !


कुछ पाबंदी भी लाज़मी है दिल्लगी के लिए..
किसी से इश्क़ अगर हो तो बेपनाह न हो


मज़ा आ रहा है दिलबर से दिल्लगी में,
नज़रे भी हमी पे है और पर्दा भी हमी से है


एक सवाल छोड़ गए आज भी वो मेरे जहन में…
कि ये रिश्ता मोहब्बत का था या सिर्फ़ दिल्लगी


दिल्लगी शायरी फोटो

दिल्लगी शायरी फोटो

इस दुनिया में मुझे सबसे अच्छी जगह

आपका साथ लगता है।


जितनी वफ़ा थी मुझमे, सब ख़त्म हो गयी है
आ जाओ इश्क़ में दिललगी करने वालो
कि, मुझमे अब सिर्फ, बेवफाई रह गयी है


टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से
मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी


दूरियां बढ जाए या फासले हो दरमियान
धडकन थम जाए चाहे होठ हो बेजबान
दिल्लगी रहेगी शादाब इश्क़ रहेगा नौजवान
दुनिया की किसे फिक्र जब तु है मेहरबान


हमने भी बहुत दिल लगा कर देख लिया है
चलो थोड़ी दिल्लगी भी कर ले
जहां वफ़ा नहीं जीत सकी
थोड़ी बेवफाई ही आज़मा ले


कुछ अलग था कहेने का अंदाज़ उन्का
के सुना भी कुछ नहीं कहा भी कुछ नहीं
कुछ इस तरह बिखरे उनके प्यार में हम
के टूटा भी कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीं


टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी,
मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से,
के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी


भीतर भीतर कुछ बिखर गया ए यार,
खूं -ए- जिगर आँखों में उतर गया ऐ यार
तू दोस्ती को समझा बस दिल्लगी ऐ यार,
मैं दोस्ती को समझा मेरी जिंदगी ऐ यार


अनछुए अरमानोंको दिलके,
अब तेरी ही सूरत है…
इजाजत हो ना हो किसीकी,
तुझसे दिल्लगी की सहूलत है


दूरियां बढ जाए,या फासले हो दरमियान
धडकन थम जाए,चाहे होठ हो बेजबान
दिल्लगी रहेगी शादाब,इश्क़ रहेगा नौजवान
दुनिया की किसे फिक्र,जब तु है मेहरबान


आपकी इस दिल्लगी में हम अपना दिल खो बैठे
कल तक उस खुदा के थे आज आपके हो बैठे
प्यार सुना तो था दिवाना कर देता है
आज खुद करके हम भी होश खो बैठे


Dillagi Shayari In Hindi

Dillagi Shayari In Hindi

क़यामत का तो सोना था कोई किसी का ना होगा
मगर अब तो दुनिया में भी ये रिवाज़ आम हो गया है


हमने तो बिना सोचे ही उनसे दिल्लगी कर ली
गर सोच के करते तो कभी मुहब्बत ना होती


मज़ा आ रहा है दिलबर से दिल्लगी में
नज़रे भी हमी पे है और पर्दा भी हमी से है


दिल्लगी नाम रख दिया किसने
दिल जलाने का जी से जाने का


मौत से पहले हमें तो दिल्लगी ने मारा है
ऩूर के दीवाने है कुसूर नज़रों का सारा है


दिल्लगी कर जिंदगी से, दिल लगा के चल
जिंदगी है थोड़ी, हमेशा मुस्कुराते चल


धड़कनें बढ़ा गई उसकी जरा सी दिल्लगी
खुदा करे उसका मजाक ही सच हो जाए


अच्छी नहीं होती है गरीबों से दिल्लगी
टूटा कहीं जो दिल तो बनाया न जायेगा


तुझे महोब्बत कहा थी बस दिल्लगी थी ।।
वरना मेरे पल भर का बिछड़ना भी तेरे लिए क़यामत होता


दिल्लगी ही दिल्लगी में दिल गया
दिल लगाने का नतीजा मिल गया


अब तो मुझको लोग तेरे नाम से पहचानते हैं
दिल्लगी में रुतबा हमने भी पाया है


दिल्लगी का अर्थ Shayari

दिल्लगी का अर्थ Shayari

सकून और इश्क दोनों एक साथ
रहने दो ग़ालिब कोई अक्ल की बात करो


कल तक उस खुदा के थे आज आपके हो बैठे
प्यार सुना तो था दिवाना कर देता है
आज खुद करके हम भी होश खो बैठे


जितनी वफ़ा थी मुझमे, सब ख़त्म हो गयी है ।
आ जाओ इश्क़ में दिललगी करने वालो,
कि, मुझमे अब सिर्फ, बेवफाई रह गयी है


अनछुए अरमानोंको दिलके,
अब तेरी ही सूरत है
इजाजत हो ना हो किसीकी,
तुझसे दिल्लगी की सहूलत है


दूरियां बढ जाए,या फासले हो दरमियान
धडकन थम जाए,चाहे होठ हो बेजबान
दिल्लगी रहेगी शादाब,इश्क़ रहेगा नौजवान
दुनिया की किसे फिक्र,जब तु है मेहरबान


हमने भी बहुत दिल लगा कर देख लिया है,
चलो थोड़ी दिल्लगी भी कर ले,
जहां वफ़ा नहीं जीत सकी,
थोड़ी बेवफाई ही आज़मा ले


दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया
मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया
दिल के सोदागरो से दिललगी कर बैठे
शायद इसीलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया


दूरियां बढ जाए या फासले हो दरमियान
धडकन थम जाए चाहे होठ हो बेजबान
दिल्लगी रहेगी शादाब इश्क़ रहेगा नौजवान
दुनिया की किसे फिक्र जब तु है मेहरबान


तुम्हारे बाद जो होगी वो दिल्लगी होगी ..
मोहब्बत वो थी जो तुम पे तमाम कर बैठे ..
तीर पे तीर खाए जा और यार से लौ लगाये जा
आह न कर , लबों को सी..इश्क़ है दिल्लगी नहीं


हमने भी बहुत दिल लगा कर देख लिया है
चलो थोड़ी दिल्लगी भी कर ले
जहां वफ़ा नहीं जीत सकी
थोड़ी बेवफाई ही आज़मा ले


हमने भी बहुत दिल लगा कर देख लिया है,
चलो थोड़ी दिल्लगी भी कर ले,
जहां वफ़ा नहीं जीत सकी,
थोड़ी बेवफाई ही आज़मा ले


कुछ नशा तो आपकी बात का है,
कुछ नशा तो धीमी बरसात का है,
हमें आप यूँ ही शराबी ना कहिए,
यह नशा तो पहली मुलाकात का है


चाहत का दिल में नामो-निशाँ ना रहे,
या तो ख़त्म हो कशमकश तेरी,
या मेरी दिल्लगी का आशियाँ ना रहे


हर किसी को उतनी ही जगह दो दिल में,
जितनी वो आपको देता है,
वरना या तो वो खुद रोयेगा, या फिर आपको रुलाएगा


मोहब्बत दिल मे कुछ ऐसी होनी चाहिए कि,
वह हासिल भले ही दूसरे को हो पर,
कमी उस को जिंदगी भर हमारी होनी चाहिए


Related Posts :-

Romantic Husband Wife Shayari

Best Ishq Shayari

Amazing Love u Jaan Shayari

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *