India Shayari

20210917 194625 1

[120+] Berukhi Shayari | Berukhi Quotes in Hindi | बेरुखी शायरी

Hello, Friends Are You Looking For Some Berukhi Shayari. So Today We Have Brought the Best Collection Of Berukhi Quotes in Hindi And Berukhi Shayari. Also, Share These With Your Friends.

 

Berukhi Shayari

Berukhi Shayari

उदास कयो होता है ऐ दिल उनकी बेरुखी पर
वो तो बङे लोग है अपनी मर्जी से याद करते है


तेरी दुनिया में मुझे एक पल दे दे,
मेरी बेरुखी ज़िन्दगी का गुज़रा हुआ कल दे दे,
वो वक्त जो गुज़ारा था साथ तेरे,
अब उन्हें भूल पाऊं ऐसा कोई हल दे दे.


कभी ऐसी भी बेरूखी देखी है हमने,
कि लोग आप से तुम तक
और तुम से जान तक
फिर जान से अनजान तक हो जाते हैं.


कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हम से,
मिलना पड़ेगा आखिर कभी जरूर हम से,
नजरें चुराने वाले ये बेरूखी है कैसी,
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हम से.


देख कर बेरूखी उनकी इस कदर आज,
ना जाने क्यों आँखें हमारी नम हो गई,
दरवाजें तो पहले ही बंद हो गये थे उनके,
मगर अब तो खिड़कियाँ भी बंद हो गई


तेरी बेरूखी को भी रूतबा दिया हमने,
प्यार का हर फ़र्ज अदा किया हमने,
मत सोच कि हम भूल गयें है तुझे,
आज भी खुदा से पहले तुझे याद किया हमने


हम यूँ अपनी जिंदगी से मिले,
अजनबी जैसे अजनबी से मिले,
हर वफ़ा एक जुर्म हो गया,
हर दोस्त कुछ ऐसी बेरुखी से मिले.


मतलब क्या हुआ बेरूखी का,
है कौन मुजरिम तेरी इस ख़ुशी का,
उम्मीद थी जिस से प्यार की ऐ खुदा,
बुझ गया वो चिराग कभी का.


दिल तोड़कर हमारा तुमको राहत भी ना मिलेगी,
हमारे जैसी तुमको चाहत भी न मिलेगी,
यूँ इतनी बेरुखी ना दिखलाइये हमपर
हम अगर रूठे तो हमारी आहट भी ना मिलेगी.


प्यार उनका हमसे भुलाया ना गया,
उनके बाद कभी हमसे मुस्कुराया ना गया,
उनकी तो बेरुखी में भी वो ऐडा थी ज़ालिम,
की बेवफ़ा का इलज़ाम भी उनपे लगाया ना गया.


Berukhi Quotes in Hindi

Berukhi Quotes in Hindi

अभी कमजोर हूँ तो कमजोर ही रहने दो
यूँ बेरुखी से तो मैं भी पत्थर हो जाऊँगा


सुकून ए दिल को नसीब
तेरी बेरुखी ही सही
हमारे दरमियाँ कुछ तो रहेगा
चाहे वो फ़ासला ही सही !!


पहाड़ियों की तरह खामोश है
आज के संबंध और रिश्ते
जब तक हम न पुकारे
उधर से आवाज ही नहीं आती


उदास कयो होता है ऐ दिल
उनकी बेरुखी पर
वो तो बङे लोग है
अपनी मर्जी से याद करते है


अभी कमजोर हूँ
तो कमजोर ही रहने दो
यूँ बेरुखी से तो
मैं भी पत्थर हो जाऊँगा


जब जब मुझे लगा
मैं तेरे लिए ख़ास हूँ
तेरी बेरुखी ने ये समझा दिया
मैं झूठी आस में हूँ


आज देखी है हमनें भी
बेरुखी की इन्तेहाँ
हम पर नजर पड़ी तो
वो महफ़िल से उठ गए !


कुछ बेरुखी से ही सही
पर देखते तो हो ये आपकी
नफरत है कि एहसान आपका !


कोई अनजान नहीं होता अपनी
बेरूखी और खताओं से
बस हौसला नहीं होता खुद को
कटघरे में लाने का !


जब-जब मुझे लगा मैं तेरे लिए खास हूँ
तेरी बेरुखी ने ये समझा दिया
मैं झूठी आस में हूँ !


हमारी बेरुखी अब इस कदर बढ़ गई है
तुमसे बात तो मुमकिन है
पर हम कोशिश नहीं करना चाहते !


Berukhi Shayari In Hindi

Berukhi Shayari In Hindi

बहुत दर्द होता है जब आपको वो इंसान इग्नोर करें,
जिसके लिए आप पूरी दुनिया को इग्नोर करते हैं.


जो मेरी हो नहीं सकती, वो खुद की भी क्या होगी
मेरी इस बेरुखी को, वो समझती भी क्या होगी,
तेरी दुनिया से जाऊंगा, तुझे मैं भूल जाऊंगा
तेरी हर कसमे वादों को, मैं खुद ही निभाऊंगा,


फेर कर मुंह आप मेरे सामने से क्या गये,
मेरे जितने क़हक़हे थे आंसुओं तक आ गये ,
भला ऐसी भी सनम आख़िर बेरुख़ी है क्या ?
न देखोगे हमारी बेबसी क्या


ये तेरी बेरुख़ी की हम से आदत ख़ास टूटेगी,
कोई दरिया न ये समझे कि मेरी प्यास टूटेगी,
तेरे वादे का तू जाने मेरा वो ही इरादा है,
कि जिस दिन साँस टूटेगी उसी दिन आस टूटेगी


तेरी बेरुखी को भी रुतबा दिया हमने ,

तेरे प्यार का हर क़र्ज़ अदा किया हमने ,

मत सोच के हम भूल गए है तुझे ,

आज भी खुदा से पहले याद किया है तुझे.


तेरी बेरूखी ने ये क्या सिला दिया मुझे
ज़हर गम-ए-जुदाई का पिला दिया मुझे
बहुत रोया बहुत तड़पा कई रातों तक मैं
पर तुमने एक कतरा भी आँसू नहीं दिया मुझे


तेरी बेरुखी है तो क्या हुआ,

तेरी यादों का रुख आज भी मेरी तरफ ही है !

जब भीे तन्हा देखती है मुझे

अपना समझकर बहलाने चली आती है


देखो ये बेरुखी,प्यार की अदाएं बेक़रार दिल को,

और बेक़रार करती है हसरतों के दीप जल तो रहें हैं

मचलने को रोशनी,  तेरा इंतज़ार करती है


बेरुखी है घुली इस मौसम में

, अभी भी मोहब्बत का स्वाद बाकी है ,

रुक देख उसकी बेवफाई को ,

उसका एहसास के साथ ज़िंदगी की वफाई बाकी है!


मर तो जाता हूँ दुनिया की बेरुखी से दिन में रात को सोता हूँ

तो कल की उम्मीद जिला देती है


उनका गुरूर कम पड जाए ऐ-खुदा,

मुझे मेरे इश्क़ में इतना गुरूर दे वो नाम भी ले

मेरा तो कदम लड़खड़ाये ऐ-खुदा,

बेरुखी में उसे ऐसा सुरूर दे


Latest Berukhi Quotes in Hindi

Latest Berukhi Quotes in Hindi

काश तुझे मेरी जरूरत हो मेरी तरह,
और मैं तुझे नज़रअंदाज करूँ तेरी तरह.


कुछ बेरुखी से ही सही, पर देखते तो हो !
ये आपकी नफरत है कि, एहसान आपका


अब इश्क में बेरुखी न दे मुझको ,
बेहद गुम़ा रहा है तेरे इश्क पे मुझको ,


सुकून ए दिल को नसीब तेरी बेरुखी ही सही।
हमारे दरमियाँ कुछ तो रहेगा चाहे वो फ़ासला ही सही!


उनका गुरूर कम पड जाए ऐ-खुदा, मुझे मेरे इश्क़ में इतना गुरूर दे
वो नाम भी ले मेरा तो कदम लड़खड़ाये ऐ-खुदा, बेरुखी में उसे ऐसा सुरूर दे


तूँ माने या ना माने पर दिल दुखा तो है ,
तेरी बेरुखी से कुछ गलत हुआ तो है


हमारी बेरुखी जो तुम्हें बुरी भी न लगे,
इश्क किया था कभी या बातें थी बस


बेरुखी इस से बड़ी और भला क्या होगी
एक मुद्दत से हमें उस ने सताया भी नहीं


हासिल-ए-इश्क़ के बारे में, सोंचता हूँ जब भी
तेरा मिलना याद आता है, तेरी बेरुखी नहीं


हासिल-ए-इश्क़ के बारे में, सोंचता हूँ जब भी
तेरा मिलना याद आता है, तेरी बेरुखी नहीं


सिखा दी बेरुखी भी ज़ालिम ज़माने ने तुम्हें,
कि तुम जो सीख लेते हो हम पर आज़माते हो।


2021 Berukhi Shayari

2021 Berukhi Shayari

तूँ माने या ना माने पर दिल दुखा तो है
तेरी बेरुखी से कुछ गलत हुआ तो है !!


तुम्हारी बेरूखी ने लाज रख ली बादाखाने की,
तुम आंखों से पिला देते तो पैमाने कहाँ जाते


इस बेरूखी पे आपकी यूं आ गई हंसी
आंखें बता रही हैं ज़रा सी हया तो है !


हज़ार शिकवे कई दिनों की बेरूखी…
बस उनकी एक हँसी और सब रफा-दफा


सालभर….तेरी बेरूखी से कत्ल होते रहे हैं हम,
अब तो तहरीरें बन गई है…उदासियाँ गुजरे साल की।


हमारी बेरुखी जो तुम्हें बुरी भी न लगे,
इश्क किया था कभी या बातें थी बस


वो लफ्ज कहाँ से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें,
मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से !


कोई अनजान नहीं होता अपनी बेरूखी और खताओं से…
बस हौसला नहीं होता खुद को कटघरे में लाने का


तेरी बेरूखी का अंजाम एक दिन यही होगा…
आखिर भूला ही देंगे तुझे याद करते करते..


तुम्हारी बेरूखी ने लाज रख ली बादाखाने की,
तुम आंखों से पिला देते तो पैमाने कहाँ जाते


Berukhi Shayari For Girlfriend

Berukhi Shayari For Girlfriend

इतनी बेरुखी दिखा कर के तुझे क्या मिलेगा
क्या तू रब है जो मरने के बाद मिलेगा


तेरी ये अदा ये बेरुखी उम्र भर याद रहेगी मुझे
तू बेवफा निकली…..
इसलिए किसी और से वफा की तलाश रहेगी मुझे.


बेरुखी से वो मुझसे पेश आएगी यह सोचा ना था
क्योंकि मुझे यकीन था यह प्यार था धोखा ना था.


जो लोग बेरुखी से पेश आते हैं सभी से
उनसे लोग दूर हो जाते हैं धीरे से.


उनकी बेरुखी ने बतलाया अब वो मेरे नहीं रहे
जिनकी खातिर हमने क्या-क्या सितम नहीं सहे.


इतनी बेरुखी से गई वो मुझे छोड़कर, कि हम मुस्कुराना भूल गये
और बातें क्या बताएँ तुमको, हम किसी से भी दिल लगाना भूल गये.


वक्त भी था, मौका भी था और तन्हाई भी
लेकिन बेरुखी उसकी बरकरार रही मेरे प्रति.


तेरी बेरुखी ने दिल को बंजर बना दिया
वरना कभी मेरा दिल भी गुलजार हुआ करता था.


चार पैसे कमाते हीं लोग बेरुखी से पेश आने लगते हैं
पैसे से खरीद लेंगे हर चीज, यह जताने लगते हैं


ऐसी भी क्या बेरुखी, जो मैं तेरा अपना ना रहा
तेरे इश्क में मैंने क्या-क्या दर्द ना सहा


तू ना कर हमसे बेरुखी ए जानेमन, वरना बड़ा पछताएगी
दूर तो जाएगी मुझसे, लेकिन मेरे जैसा फिर कहाँ पाओगी.


Other Posts :-

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *